धर्मशाला (नवीन):
कांगड़ा की पाठशाला सदवां में अध्यापकों से की गई मारपीट पर हिमाचल राजकीय
अध्यापक संघ बिफर गया है। संघ ने इस विषय पर 10 दिन का अल्टीमेटम जारी
किया है। 10 दिनों के भीतर यदि दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो
प्रदेश के सभी अध्यापक कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।
वहीं संघ आगामी बोर्ड
परीक्षाओं का भी बहिष्कार करने से गुरेज नहीं करेगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष
विरेंद्र चौहान, महासचिव नरेश महाजन, पैटरन संजय मोगू, प्रवक्ता अश्वनी
भट्ट, सरोज मेहता, नरेश कुमार, तपिश थापा, विजय श्मशेर भंडारी, जिलाध्यक्ष
मंडी अश्वनी गुलेरिया, सोलन जिलाध्यक्ष नरोतम वर्मा, बिलासपुर जिलाध्यक्ष
राकेश संधु, हमीरपुर जिलाध्यक्ष संजीव कुमार व महिला मोर्चा की
प्रदेशाध्यक्ष कविता विजलवान सहित सभी जिलाध्यक्षों ने इस घटना को बेहद
शर्मनाक करार देते हुए इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।शिक्षकों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना
संघ ने इस प्रकार की घटनाओं को शिक्षकों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना माना है तथा ऐसे सामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने की मांग की है। शिक्षक को जंहा भगवान का दर्जा दिया जाता है, वहां पर शिक्षकों के साथ मारपीट की घटनाएं सारे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। संघ का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही इस विषय पर शिक्षा निदेशक व प्रदेश पुलिस विभाग के मुखिया से मिल कर दोषियों को शीघ्र गिरफतार करने की मांग करेगा।
गैर-जमानती कानून बनाने की रखी मांग
संघ ने प्रदेश की पाठशालाओं में कार्यरत शिक्षकों की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि शिक्षक संस्थानों में में हिंसा व दुव्र्यवहार करने वाले ऐसे सामाजिक तत्वों के खिलाफ गैर-जमानती कानून बनाया जाना चाहिए। संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार प्रदेश के चिकित्सों के साथ मारपीट की घटनाओं को गैर-जमानती बनाने पर सरकार विचार कर रही है, उसी कानून में अध्यापको को भी शामिल किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो मजबूरन संघ को आंदोलन की राह पकडऩी पड़ेगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।