टिक्कर-डिडवीं: निजी स्कूल
संघ जिला हमीरपुर के अध्यक्ष देवराज वर्मा ने बताया कि सरकारी स्कूलों में
शिक्षा स्तर में आई कमी के कारण ही अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की
तरफ बढ़ता जा रहा है, जहां अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई से 100 प्रतिशत
संतुष्ट हैं
जिससे शिक्षक संघ को नाराजगी व्यक्त नहीं करनी चाहिए। उन्होंने
शिक्षक संघ से जानना चाहा कि बोर्ड की परीक्षाओं में वे निजी स्कूलों के
परीक्षा केंद्रों में तो सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने की बात कर रहे हैं परंतु
वे सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने की
मांग क्यों नहीं कर रहे हैं।निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सरकारी अध्यापकों की ड्यूटी
उन्होंने कहा कि वे निजी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सरकारी अध्यापकों की ड्यूटी लगाने का स्वागत करते हैं। मगर सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों का स्टाफ भी परीक्षा में लगा कर देख लें तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से निजी स्कूलों के छात्रों ने बोर्ड की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत मैरिट प्राप्त कर सरकारी स्कूलों को पछाड़ा है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संघ अगले सत्र से निजी स्कूलों के प्रैक्टिकल सरकारी स्कूलों में लिए जाने का पुरजोर विरोध करता है व निजी संघ इन सब मामलों को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष उठाएगा।