अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर। हिमाचल शिक्षक मंच ने प्रदेश विधानसभा
चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा
निभाई गई भूमिका के लिए उन्हें बधाई दी है।
मंच के संयोजक सदस्यों अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनीश बन्याल, तपिश थापा, विजय शमशेर भंडारी व अजय चौधरी ने कहा कि इस दौरान शिक्षकों व कर्मचारियों की कई समस्याएं सामने आईं। शिक्षक मंच ने एक जिम्मेदार संगठन की तर्ज पर सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वह चुनावों को पूर्ण निष्पक्षता से करवाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल शिक्षक मंच ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ से मिलकर प्रदेश के कर्मचारियों की चुनाव संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए राज्य चुनाव आयुक्त से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपने का मन बनाया है। ज्ञापन में शिक्षक मंच मांग करेगा कि चुनावी ड्यूटी लगाते समय शिक्षकों को उनके पद व श्रेणी के अनुसार भूमिका दी जाए।
अकसर यह देखने में आया है कि चुनावों में कनिष्ठ पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों से नीचे की भूमिका में लगाया जाता है। मंच यह भी मांग करेगा कि प्रधानाचार्यों को सेक्टर अधिकारी से कम के पद पर नियुक्त न किया जाए व प्रिजाइडिंग अधिकारी के पद पर उनकी चुनावी ड्यूटी न लगाई जाए। इसी प्रकार चुनावी ड्यूटी में 55 वर्ष से ज्यादा उम्र के व गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी न लगाई जाए। मंच ने अपने मांग पत्र मे एक दर्जन से ज्यादा सुझाव चुनाव आयोग को देने के लिए शामिल किए हैं। मंच के मांग पत्र से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के राज्याध्यक्ष विनोद कुमार ने भी सहमति जताई है। इसके लिए शिक्षक मंच व परिसंघ का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी एक सप्ताह में राज्य चुनाव आयोग से मिलने जाएगा।
मंच के संयोजक सदस्यों अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनीश बन्याल, तपिश थापा, विजय शमशेर भंडारी व अजय चौधरी ने कहा कि इस दौरान शिक्षकों व कर्मचारियों की कई समस्याएं सामने आईं। शिक्षक मंच ने एक जिम्मेदार संगठन की तर्ज पर सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि वह चुनावों को पूर्ण निष्पक्षता से करवाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल शिक्षक मंच ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ से मिलकर प्रदेश के कर्मचारियों की चुनाव संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए राज्य चुनाव आयुक्त से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपने का मन बनाया है। ज्ञापन में शिक्षक मंच मांग करेगा कि चुनावी ड्यूटी लगाते समय शिक्षकों को उनके पद व श्रेणी के अनुसार भूमिका दी जाए।
अकसर यह देखने में आया है कि चुनावों में कनिष्ठ पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों से नीचे की भूमिका में लगाया जाता है। मंच यह भी मांग करेगा कि प्रधानाचार्यों को सेक्टर अधिकारी से कम के पद पर नियुक्त न किया जाए व प्रिजाइडिंग अधिकारी के पद पर उनकी चुनावी ड्यूटी न लगाई जाए। इसी प्रकार चुनावी ड्यूटी में 55 वर्ष से ज्यादा उम्र के व गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी न लगाई जाए। मंच ने अपने मांग पत्र मे एक दर्जन से ज्यादा सुझाव चुनाव आयोग को देने के लिए शामिल किए हैं। मंच के मांग पत्र से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के राज्याध्यक्ष विनोद कुमार ने भी सहमति जताई है। इसके लिए शिक्षक मंच व परिसंघ का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी एक सप्ताह में राज्य चुनाव आयोग से मिलने जाएगा।