शिमला: शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य के
1400 से ज्यादा स्कूलों में कम बच्चे हैं। सरकार ऐसे स्कूलों का युक्तिकरण
करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम 6 माह
में मानकों को पूरा किए बिना ही स्कूलों को खोल दिया और इसके लिए वित्तीय
अनुमति भी नहीं ली गई।
उन्होंने यह जानकारी विधायक सुरेश कुमार कश्यप की
तरफ से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। विधायक का यह भी कहना था कि शिक्षक
दूरदराज के क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं और शहरी क्षेत्र में ही
म्यूचुअल ट्रांसफर करवाकर 10-12 किलोमीटर के दायरे में घूम रहे हैं। शिक्षा
मंत्री ने इस पर कहा कि शिमला, सिरमौर और चम्बा जिला में इस समय शिक्षकों
की सबसे अधिक रिक्तियां हैं।
आर.टी.ई. एक्ट के मानकों की हुई अवहेलना
उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में आर.टी.ई. एक्ट के तहत स्कूल खोलने व चलाने
के लिए मानक तय किए गए थे जिनकी पूरी तरह से अवहेलना हुई। उन्होंने कहा कि
जे.बी.टी. के 700 पदों को भरने में दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि मामला कोर्ट
में विचाराधीन है, ऐसे में बैच वाइज और एक्स सर्विसमैन सहित अन्य कोटे से
भर्तियां की जा रही हैं। कोर्ट से शिक्षकों की भर्ती संबंधी मामले के शीघ्र
निपटारे का आग्रह किया जाएगा ताकि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में 259 प्राइमरी, 24 हाई
और 40 सीनियर सैकेंडरी स्कूल हैं, साथ ही 13 नए प्राइमरी स्कूल खोले गए
हैं। विधानसभा क्षेत्र में शिक्षकों व गैर-शिक्षकों के 424 पद खाली पड़े
हैं, जिन्हें भरने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान विधायक बलवीर सिंह वर्मा
ने भी उनके क्षेत्र में शिक्षकों के खाली पदों को भरने का आग्रह किया।
मॉडर्न स्लाटर हाऊस एग्रीमैंट एम.सी. करेगा
शहरी विकास एवं आवास मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि मॉडर्न स्लाटर हाऊस
शिमला के एग्रीमैंट संबंधी निर्णय नगर निगम शिमला स्वयं करेगा। विधायक
अनिरुद्ध सिंह की तरफ से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि
स्लाटर हाऊस एग्रीमैंट 20 मई, 2019 को समाप्त होगा और इसे फिर से कंपनी को
देने या न देने का निर्णय नगर निगम ही लेगा। उन्होंने कहा कि स्लाटर हाऊस
चलाने वाली कंपनी की तरफ से निगम को 2.14 करोड़ रुपए अग्रिम पट्टा राशि 5
साल के लिए जमा करवाई गई है। स्लाटरिंग फीस 4,03,610 रुपए अभी तक जमा करवाए
गए हैं और 38.26 लाख रुपए स्लाटरिंग फीस फरवरी, 2018 तक बकाया है जिसे जमा
करवाने का आश्वासन कंपनी ने दिया है। एग्रीमैंट के अनुसार यहां पर 1 दिन
में 250 भेड़-बकरियों, 50 सूअरों एवं 2,000 मुर्गों को काटा जाना था लेकिन
मौजूदा समय में 50 भेड़-बकरियां व 5 सूअर ही काटे जा रहे हैं। कंपनी की तरफ
से संचालन ठीक तरीके से किया जा रहा है, ऐसे में विधायक का सवाल उठाना सही
नहीं है।