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हिमाचल में एक शिक्षक वाले 1410 स्कूल होंगे बंद

शिमला, 22 अप्रैल हिमाचल प्रदेश में 1410 स्कूल कभी भी बंद हो सकते हैं। इनमें अधिकांश प्राइमरी स्कूल हैं जबकि कुछ स्कूल मिडल और हाई हैं। इन स्कूलों पर ये तलवार शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधान पूरे न करने के कारण लटकी है।
इन सभी स्कूलों में केवल एक-एक ही शिक्षक हैं जबकि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत एक शिक्षक के सहारे स्कूल नहीं चलाया जा सकता। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण में 1410 स्कूल एकल शिक्षक वाले पाए गए हैं। ऐसे स्कूलों का पता लगाने का कार्य अभी भी चल रहा है। यही नहीं इस सर्वेक्षण में कुछ स्कूल ऐसे भी पाए गए हैं जहां महज 30 बच्चें हैं जबकि शिक्षकों की संख्या आठ तक है। इसके विपरीत सोलन जिला के बद्दी में एक स्कूल ऐसा भी पाया गया है जहां छात्रों की संख्या 354 है लेकिन यहां केवल एक ही शिक्षक नियुक्त है। सर्वेक्षण में ये भी पाया गया है कि बड़ी संख्या में विज्ञान और गणित के शिक्षक शिक्षा निदेशालय तथा हिमाचल प्रदेश सचिवालय में नियुक्ति पाकर ‘राजयोग’ भोग रहे हैं जबकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में ऐसे शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है।
हर स्कूल में खुलेगी लाइब्रेरी
राज्य के हर स्कूल में लाइब्रेरी खुलेगी। फिर चाहे स्कूल प्राईमरी है, मिडल, हाई या सीनियर सेकंड्री। केंद्र सरकार ने राज्य के प्रत्येक स्कूल को लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए पांच से 25 हजार रुपए तक की राशि अनुदान के रूप में देने पर सहमति जताई है। ये लाइब्रेरी खोलने का उद्देश्य बच्चों में नर्सरी कक्षा से ही पढ़ने की आदत विकसित करना है।
क्या कहते हैं शिक्षा सचिव
प्रदेश के शिक्षा सचिव अरुण शर्मा के मुताबिक विभाग ऐसे तमाम स्कूलों का पता लगा रहा है जो या तो एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं या फिर जहां छात्र ही नहीं है लेकिन शिक्षक तैनात हैं। ऐसे स्कूलों का पता शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों के तहत लगाया जा रहा है। उनका ये भी कहना है कि इन स्कूलों का सरकार को क्या करना है इस संबंध में निर्णय विभाग की रिपोर्ट के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में लिया जाएगा। हालांकि इन्हें बंद करना है या नहीं सरकार के लिए ये निर्णय राजनीति को मद्देनजर रखकर भी लेना होगा।

प्रदेश में 15 हजार से अधिक स्कूल
हिमाचल प्रदेश में इस समय प्राईमरी, मिडल, हाई और सीनियर सेंकंडरी स्कूलों की संख्या 15 हजार से अधिक है। इनमें अकेले प्राईमरी स्कूलों की संख्या 10754 है। प्रदेश में स्थित सरकारी स्कूलों में इस समय 8.29 लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं जबकि 2767 निजी स्कूलों में इनकी संख्या 2.67 लाख है।

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