; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Advertisement

खतरे में पड़ी 2630 शिक्षकों की नौकरी, 108 स्कूलों में लटकेंगे ताले

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात 2630 शिक्षक शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के आधार पर नियुक्त 2630 शिक्षकों को जयराम सरकार ने सेवा विस्तार नहीं दिया है।

सेवा विस्तार नहीं मिलने के चलते राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित पहली से जमा दो कक्षा वाले 108 सरकारी स्कूलों में दो अप्रैल से ताले लटकने की नौबत आ गई है। 31 मार्च को इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त हो गई हैं।

पूर्व सरकार हर साल इनको सेवा विस्तार देती रही। लाहौल-स्पीति, पांगी, भरमौर, किन्नौर सहित कुल्लू, शिमला, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिले में स्थित इन 108 स्कूलों में शिक्षकों का पूरा स्टाफ ही एसएमसी के आधार पर भरा गया है। अब सेवा विस्तार न मिलने से एसएमसी शिक्षक स्कूलों में नहीं जा सकेंगे।

UPTET news