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पीजीटी पदनाम बदलने की शर्त पर शिक्षक संघों में ठनी

राज्य ब्यूरो, शिमला : पीजीटी के पदनाम को बदलने पर प्रदेश सरकार द्वारा रखी शर्त के बाद दो शिक्षक संघों में ठन गई है। एक शिक्षक संघ जहां नौवीं व दसवीं कक्षा को पढ़ाने की शर्त पर हामी भर रहा है वहीं दूसरा संघ पढ़ाने से इन्कार कर रहा है।
राजकीय अध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा सचिव के साथ बैठक की थी। इस दौरान शिक्षा सचिव ने पीजीटी के पदनाम को प्रवक्ता में बदलने के लिए शर्त रखी थी। पीजीटी नौवीं और दसवीं कक्षा को भी पढ़ाएंगे। राजकीय अध्यापक संघ ने इस शर्त को मानने की हामी भरी है। जबकि राजकीय स्कूल प्रवक्ता संघ मानने से इन्कार कर रहा है। अब दोनों संगठनों के प्रदेशाध्यक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं।

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केसर सिंह को नहीं है संगठन का ज्ञान
राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी ने स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष केसर सिंह के बयान से लगता है कि उन्हें संगठन का पूरा ज्ञान नहीं है। शायद वे नए हैं इसलिए उन्हें हमारे संघ के इतिहास की जानकारी नहीं है। अगर वे हमारे इतिहास जानना चाहते हैं तो हम उन्हें इतिहास की प्रति उपलब्ध करवा सकते हैं। राजकीय अध्यापक संघ है जिसमें प्राथमिक स्तर से लेकर संयुक्त निदेशक तक के अधिकारी हमारे सदस्य हैं। केसर सिंह अनुभवहीनता के चलते बेतुकी बयानबाजी से बचें और तथ्यों का अध्ययन करने के बाद ही बयान दें।

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हदें पार न करें वीरेंद्र चौहान

राज्य स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ने कहा संघ नौवीं व दसवीं कक्षा को नहीं पढ़ाएगा। यह हमारा अधिकारी क्षेत्र है। राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान अपने हदें पार न करें। वीरेंद्र चौहान को समझाना चाहता हूं कि राज्य स्कूल प्रवक्ता संघ स्कूल प्रवक्ताओं की समस्यओं का निदान और मांगों को पूरा करवाने के लिए सक्षम है। इसलिए चौहान संगठन तक ही सीमित रहें। पीजीटी के नाम पर राजनीतिक रोटियां न सेंके। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से बैठक है। उसमें हम अपनी बात स्वयं ही रख लेंगे।

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