शिमला— सरकार द्वारा शिक्षकों के पदों को स्कूल प्रबंधन
समितियों द्वारा अस्थायी रूप से न भरा जाए। सभी श्रेणियां के पदों को कमीशन
व बैचवाइज भर्ती द्वारा स्थायी रूप से भरा जाना चाहिए। यह मांग राजकीय
अध्यापक संघ ने की है।
इससे पहले हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ की
राज्य स्तरीय बैठक बिलासपुर में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य
अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान द्वारा की गई। बैठक में शिक्षकों को 4-9-14, पुरानी
पेंशन बहाली और शिक्षकों की अस्थायी भर्तियों जैसे मुद्दों पर चर्चा की
गई। शिक्षक संघ की बैठक में संघ का तीन वर्षीय सदस्य शुल्क 100 से बढ़ाकर
200 रुपए किया गया, वहीं संघ के सिद्धांत के रूप में नया अध्याय शामिल किया
गया, प्रदेश अध्यक्ष की शक्तियों में संशोधन किया गया। साथ ही स्थायी
समितियों के उत्तरदायित्व व उनके पदाधिकारियों के वरिष्ठता क्रम नामक दो नए
अध्याय संविधान में जोड़े गए। इसके साथ ही सेवानिवृत्त अध्यापकों को
अध्यापक संघ की सदस्यता ग्रहण करने पर सहमति और उसके लिए अलग विंग तैयार
करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में हाल ही में 234 सुपरिंटेंडेंट
ग्रेड-2 की पदोन्नति पर 12 को शिक्षकों के एवं अन्य पद्दों के अंतर्गत पर
समायोजन का विरोध किया गया, क्योंकि स्कूलों में गैरशिक्षकों के अधिकांश पद
खाली चल रहे हैं, जिस कारण सारा कार्य शिक्षकों को करना पड़ रहा है। इस
सभा में पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों कर्मचारीयों के बंद
कर रखे 4-9-14 टाइम स्केल के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस
राज्य स्तरीय आम सभा में अध्यापक संघ के स्वार्णिम संघर्ष पूर्ण इतिहास के
50 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में पांच सितंबर को संघ की स्थापना की
स्वर्ण जयंती के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। इस समारोह का आयोजन
राज्य स्तर पर करने का फैसला किया गया है।