बड़सर (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग पांच माह से पूर्व सैनिक
आश्रितों के टीजीटी बैचवाइज के रिक्त पदों को नहीं भर पाया है। शिक्षा
विभाग ने अप्रैल माह में पूर्व सैनिक आश्रित टीजीटी बैचवाइज के रिक्त पदों
को भरने को साक्षात्कार लिए थे।
जबकि, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के
बारे में हाईकोर्ट भी शिक्षा विभाग और सरकार से जवाब तलब कर चुका है। इसके
बावजूद बैचवाइज नई नियुक्तियों के बारे में धीमी प्रक्रिया पर सवाल उठने
लगे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग ले चुके
सैकड़ों पूर्व सैनिकों के आश्रितों का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से इस कैटागिरी के बैचवाइज पदों को भरने के लिए फरवरी
माह में अधिसूचना जारी कर दी गई।
सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने के
बाद शिक्षा विभाग ने टीजीटी आर्ट्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल के 393 पद अनुबंध
के आधार पर भरने हैं। शिक्षा विभाग को पहली मई तक औपचारिकताएं पूरी करने
और 15 मई तक पात्र अभ्यर्थियों की रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग की ओर से अप्रैल माह में साक्षात्कार प्रक्रिया अपनाई गई।
लेकिन, इसके बाद भी यह प्रक्रिया चलती रही। अब करीब पांच माह बाद भी ऐसे
अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अनुबंध आधार पर पूर्व सैनिक
आश्रितों को टीजीटी बैचवाइज की सभी नियुक्तियां आरएंडपी रुल्स के तहत होनी
थी लेकिन, अभी तक यह नियुक्तियां अधर में लटकी हुई हैं। पूर्व सैनिकों के
आश्रित अपनी तैनाती का इंतजार कर रहे हैं। जबकि, शिक्षा विभाग की ओर से
शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूर्व सैनिकों के
आश्रितों में मनोज कुमार, राजेश कुमार, अनिल कुमार, रविंद्र कुमार, सुशील
कुमार, नरेश कुमार, मधु बाला, पूनम, संजीव सहित अन्यों का कहना है कि सरकार
और शिक्षा विभाग की ओर से टीजीटी पूर्व सैनिकों के आश्रितों के रिक्त पदों
की भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से लंबे समय के इंतजार के बाद उन्हें नौकरी
की आस जगी थी। जबकि , कई स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने
सरकार एवं शिक्षा विभाग से पूर्व सैनिकों के आश्रितों के टीजीटी बैचवाइज
पदों को जल्द भरने की मांग की है।
वहीं, इस संबंध में प्रारंभिक
शिक्षा निदेशक रोहित जंवाल का कहना है कि पूर्व सैनिक आश्रित टीजीटी पदों
को भरने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से
औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।