शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर
करने के लिए शुरू हुई जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने
आई है। पांच जिलों में जेबीटी शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती के दौरान आरक्षित
श्रेणी की तय सीटों से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। जिला उपनिदेशकों
का कारनामा देखकर शिक्षा विभाग के आलाधिकारी भी हैरत में हैं।
पांचों जिलों हमीरपुर, सिरमौर, कुल्लू, ऊना व बिलासपुर में जेबीटी
शिक्षकों की नियुक्ति की सूची जारी करने पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए
गए हैं। ओबीसी व एससी के लिए जितनी सीटें तय की गई थीं, उससे कहीं अधिक
शिक्षकों की भर्ती की गई। पांचों जिलों में सामान्य वर्ग की सीटों को पूरा
नहीं भरा गया है। इन जिलों में सामान्य श्रेणी की करीब आधी सीटें रिक्त
रखकर उन्हें आरक्षित श्रेणी के कोटे में डाल दिया गया है। ऐसा किए जाने पर
अब हड़कंप मच गया है। विभाग के सूत्रों की मानें तो जिला स्तर के
शिक्षा अधिकारी अब यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि ऐसा 15 नंबर की इवेल्युएशन
के कारण हुआ है। इस इवेल्युएशन के कारण मेरिट बदल गई है, लेकिन शिक्षा
विभाग के आलाधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जेबीटी की भर्ती एवं पदोन्नति नियम में पहले
से ही मानक तय हैं। मेरिट का असर आरक्षित या सामान्य श्रेणी की सीटों पर
नहीं पड़ता है। जिस श्रेणी की जितनी सीटें तय की गई हैं, उसी पर भर्ती होती
है। लेकिन पांच जिलों में शिक्षा उपनिदेशकों का कारनामा किसी अधिकारी के
गले नहीं उतर रहा है।
पांच जिलों में नियुक्ति की सूची जारी करने पर रोक लगाने के
निर्देश जारी किए गए हैं। पांचों जिलों से जेबीटी की बैचवाइज की गई भर्ती
की रिपोर्ट मांगी गई है। इसकी जांच के बाद पता चलेगा कि कैसे गलती हुई है।
यह जिला का काडर है। इसलिए भर्ती में गलती पाई गई तो उपनिदेशकों पर
कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित जम्वाल, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभा