शिमला (प्रीति): प्रदेश
में राज्य मुक्त विद्यालय (एस.ओ.एस. ) इग्नू की तर्ज पर चलेंगे। इन
विद्यालयों में इनरोल छात्रों के लिए सप्ताह में दो बार कक्षाएं लगाई
जाएंगी। ऐसा फैसला स्कूल शिक्षा बोर्ड ने लिया है। इसके अलावा यहां छात्रों
की काऊंसलिंग भी की जाएगी। इन विद्यालयों में बेरोजगार शिक्षकों को पढ़ाने
का मौका दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा।
स्कूल
शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश सोनी ने ये जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड
जल्द ही स्कूलों में ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है। इसके तहत ऐसे छात्र जो
किसी कारण रैगुलर पढ़ाई नहीं कर सकते हैं, वह आसानी से पढ़ाई करेंगे। इस
दौरान उन्हें हर विषय का शिक्षक उपलब्ध करवाया जाएगा।जून में 48 हजार छात्रों को दिया गया था मौका
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में 10वीं और
12वीं कक्षा के फेल हुए छात्रों को दोबारा मौका दिया गया था। इस दौरान
लगभग 48 हजार छात्रों को ये मौका दिया गया है, जिसमें काफी संख्या में
छात्र उत्र्तीण हुए हैं। सुरेश सोनी ने कहा सरकारी स्कूलों में 230 स्टडी
सैंटर चल रहे हैं जबकि निजी स्कूलों में 35 स्टडी सैंटर चलाए जा रहे
हैं। वीरवार को लालपानी स्कूल में पहली बार एस.ओ.एस. की कार्यशाला आयोजित
करवाई गई है। इसमें स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष विशेष तौर पर उपस्थित
रहे।
इस कार्यशाला में स्टडी सैंटर की समस्याएं
आई.टी. व शिक्षकों की समस्याएं उठाई गईं, जिस पर उचित कदम उठाने की मांग
की गई। इस कार्यशाला में प्रदेश के जिला सोलन, सिरमौर, शिमला और किन्नौर के
एस.ओ.एस. स्टडी सैंटर के समन्वयक व प्रधानाचार्य पहुंचे। सुरेश सोनी ने
बताया कि वर्ष 2012 में एस.ओ.एस. शुरू किया गया था, लेकिन इसमें छात्रों का
इजाफा नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने निर्णय लिया कि एस.ओ.एस. की
अलग विंग बनाई जाएगी, ताकि एस.ओ.एस. की गतिविधियां बढ़ाई जा सकें।