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हिमाचल में खाली पड़े उर्दू शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरे सरकार, बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवा…

सोलन : हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी स्कूलों में उर्द शिक्षकों के पद खाली पड़े है। मगर प्रदेश सरकार इन्हें भरने में कोई रूचि नहीं दिखा रही है। पांच दर्जन से अधिक ऐसे युवक-युवतियां हैं जिन्होंने उर्दू टेट की परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। लेकिन सरकार के उदासीन रवैये के चलते वह बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
 हैरानी इस बात की है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से हर साल विभिन्न विषयों की टेट की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इसमें उर्दू तथा पंजाबी दोनों ही भाषाओं की भी टेट परीक्षाएं बोर्ड द्वारा आयोजित की जाती है। मगर जो युवा उर्दू टेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर रहे हैं, उनकी सरकार नियुक्ति नहीं कर रही है।इस बात को लेकर उर्दू टेट की परीक्षा पास कर चुके बेरोजगार युवाओं में प्रदेश की जयराम सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। उर्दू टेट परीक्षा उत्तीर्ण बेरोजगारों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सभी विषयों का समय-समय पर कमीशन करवाया जाता है व बैच वाइज भी शिक्षकों की भर्ती की जाती है। परंतु उर्दू तथा पंजाबी भाषा में टेट उत्तीर्ण कर चुके युवाओं की नियुक्ति की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उर्दू व पंजाबी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं में प्रदेश सरकार के इस उदासीन रवैये को लेकर भारी रोष है।
उर्दू टेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके ऊना के सतीश कुमार व नीलम, हमीरपुर के अनिल व अंकिता, सोलन से संगीता, आयशा, मिनाक्षी, मंजरी, रीता, सिरमौर से कल्पना, सनताज, रूकसाना, किरण, मंडी से यशोदा सहित अन्य अभ्यार्थी आज भी अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उर्दू टेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके उक्त सभी बेरोजगारों का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में उर्दू शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। बावजूद सरकार इन रिक्त पड़े पदों को भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
बेरोजगार युवाओं का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में उर्दू अध्यापक पिछले 8-10 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें से टेट उत्तीर्ण शिक्षकों को अनुबंध में लाया गया है। उन जैसे करीब पांच दर्जन टेट उत्तीर्ण युवा आज भी अपनी नियुक्ति के इंतजार में है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 70 से अधिक उर्दू शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। जबकि प्रदेश में पांच दर्जन से अधिक अभ्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने उर्दू टेट परीक्षा को अच्छे अंकों से पास किया हुआ है। अन्य सभी जरूरी योग्यताओं को भी पूरा करते हैं, लेकिन सरकार इन पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं करवा रही है।
उर्दू टेट पास युवाओं ने सवाल किया है कि बोर्ड द्वारा हर साल टेट करवाया जाता है तथा इसकी एवज में उनसे फीस भी वसूली जाती है। लेकिन इसके लिए कमीशन क्यों नहीं। क्यों हम बेरोजगार युवाओं को आगे बढऩे का अवसर नहीं दिया जा रहा है। रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे उर्दू टेट पास युवाओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि शीघ्र ही स्कूलों में रिक्त पड़े उर्दू शिक्षकों के पदों को भरा जाए। बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश सरकार से उर्दू शिक्षकों के खाली पड़े पदों को कमीशन या फिर बैच वाइज भरने की मांग की है।-

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