; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

मंत्री ने एचपीयू, शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट

जागरण संवाददाता, शिमला : प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की भर्ती को लेकर उपजे विवाद पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) और शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी है। एचपीयू की इक्विलेंस कमेटी को इस मसले पर बैठक करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन आयोग का पक्ष भी सुनने को कहा गया है। इसके बाद राज्य सरकार इसमें आगामी कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो सरकार इस मामले में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों (आरएंडपी) में भी बदलाव कर सकती है।
सूत्रों की मानें तो मामला पेचीदा है। इसमें कानूनी पहलुओं को भी देखा जा रहा है। यदि विभाग अभी इस मामले में छूट दे देता है तो पदोन्नति के दौरान दोबारा इस पर विवाद हो सकता है।

-----------
यह है मामला
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने एचपीयू से रूसा के तहत स्नातक की डिग्री करने वाले दो अभ्यार्थियों को भर्ती से बाहर कर दिया है। सब्जेक्ट कांबिनेशन ठीक न होने के चलते दोनों को बाहर किया गया है। दोनों टीजीटी नॉन मेडिकल के थे। इन्होंने एचपीयू से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत 2013 से 2016 के बीच स्नातक की डिग्री की है। सूत्रों के मुताबिक अभ्यर्थियों को अपात्र बनाने के पीदे तर्क दिया गया कि आरएंडपी नियमों के अनुसार इनके सब्जेक्ट मैच नहीं करते।

-------
कितनों का सब्जेक्ट कांबिनेशन ठीक नहीं, कोई आंकड़ा नहीं
2013 में हिमाचल में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) को लागू किया गया था। 2015 में पहला बैच पासआउट हुआ था। दो लाख के करीब छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। कितने छात्रों के सब्जेक्ट कांबिनेशन ठीक नहीं हैं इसका आंकड़ा न तो विभाग के पास है और न ही एचपीयू के पास। एचपीयू और विभाग इस तरह का कोई रिकॉर्ड अलग से तैयार नहीं करता।
------------
जल्दबाजी में रूसा लागू करने से आई है दिक्कत : भारद्वाज
पूर्व कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में रूसा को लागू किया। इन तथ्यों पर उस वक्त ध्यान ही नहीं दिया गया। मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। विभाग और एचपीयू से रिपोर्ट मांगी है। रूसा में खामियों को लेकर इक्विलेंस कमेटी का गठन किया है। एचपीयू को निर्देश हैं कि जल्द कमेटी की बैठक करें। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो आरएंडपी नियमों में भी संशोधन किया जाएगा।
-सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री
---------
एचपीयू के कुलपति को पत्र लिखा है। इसमें इक्विलेंस कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि इस मसले पर चर्चा की जा सके। अभी तक एचपीयू की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

-रोहित जम्वाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा

UPTET news