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प्रारंभिक शिक्षा विभाग: हाईकोर्ट ने जेबीटी शिक्षक की बर्खास्तगी पर लगाई रोक

 हमीरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में सेवारत जेबीटी शिक्षक की बर्खास्तगी पर प्रदेश हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस त्रिलोक सिंह चौहान और जस्टिस ज्योत्सना रिवाल दुआ ने आदेश दिए हैं कि जब तक न्यायालय में मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक शिक्षा विभाग जेबीटी शिक्षक को बर्खास्त न करे। वादी की ओर से हाईकोर्ट में अधिवक्ता पीपी चौहान ने पक्ष रखा। सरकार और विभाग से महाअधिवक्ता अशोक शर्मा, अतिरिक्त महाअधिवक्ता नंद लाल ठाकुर और अतिरिक्त महाअधिवक्ता विकास राठौर हैं।


हाईकोर्ट ने प्रदेश शिक्षा विभाग के सचिव, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और हमीरपुर के उपनिदेशक से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। अब वादी और प्रतिवादी दोनों की तरफ से कोर्ट में जेबीटी शिक्षक भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड पेश किया जाएगा। दोनों ओर से जवाब पेश होने के बाद ही मामले में हाईकोर्ट अंतिम निर्णय सुनाएगा। वर्ष 2018 में हमीरपुर में जेबीटी शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती हुई थी। भर्ती प्रक्रिया में एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया था।


कमेटी में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक, डाइट प्रिंसिपल, दो स्कूल लेक्चरर और एक अधीक्षक ग्रेड-दो शामिल थे। तीन साल का सेवाकाल पूरा होने के बाद जेबीटी शिक्षकों को नियमित करने के आदेश सरकार ने दिए तो हमीरपुर जिले के तीन सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे जेबीटी शिक्षकों की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता पर सवाल उठाए गए। विभाग ने इन्हें पात्र नहीं माना। इसके बाद मामला प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के पास भेजा गया। यहां से 9 दिसंबर को एक जेबीटी शिक्षक को बर्खास्त करने के आदेश जारी हुए। दो अन्य की जांच अभी जारी है।

उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर संजय कुमार ठाकुर ने कहा कि उच्च न्यायालय से मामले में क्या फैसला आया है, यह उच्चाधिकारी ही बता पाएंगे। किसी ने ऐसी सूचना दी है कि कोर्ट से स्टे के ऑर्डर जारी हुए हैं। स्टे की कॉपी मिलने के बाद विभाग अपना पक्ष रखेगा।

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