शिमला.सरकारी स्कूलों में तैनात पीजीटी
शिक्षकों (पोस्ट ग्रैजुएट टीचर) के सैलरी रि-फिक्सेशन मामले पर प्रशासनिक
प्राधिकरण (एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) ने स्टे लगा दिया है। ट्रिब्यूनल
से राज्य सरकार से इस मामले पर छह सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। पंकज
चौहान की ओर से दायर याचिका की सुनवाई पर ट्रिब्यूनल ने ये आदेश दिया है।
वेतन में नहीं होगी कटौती
ट्रिब्यूनल
के इस फैसले से पीजीटी के वेतन में फिलहाल कोई कटौती नहीं होगी। इस महीने
शिक्षकों को पुराने पैटर्न पर ही वेतन मिलेगा। पिछले सप्ताह उच्चतर शिक्षा
विभाग ने 580 पीजीटी शिक्षकों के वेतन में कटौती करने का आदेश जारी किया
था। इन शिक्षकों को वर्ष 2012 में रेग्युलर किया गया था। रेग्युलर होने के
चार साल बाद से इनके वेतन में कटौती की जा रही थी। इससे इन शिक्षकों के
वेतन में 1790 रुपए मासिक कटौती हो रही थी। शिक्षकों के विरोध के बाद
उच्चतर शिक्षा विभाग ने तर्क दिया है कि गलत पे फिक्सेशन होने के चलते
इन्हें ज्यादा वेतन दिया जा रहा था।
टीचरों को जारी किए थे नोटिस
शिक्षा
विभाग ने अगस्त महीने में इन टीचरों को नोटिस भी जारी किए थे। नोटिस के
जवाब में टीचरों ने कहा था कि पे फिक्सेशन में जो गलती हुई है वो विभाग की
तरफ से हुई है। इनिशियल स्टार्ट टीचरों को पहले भी मिलता था। ऐसे में
उन्हें जितना वेतन मिल रहा है उसमें कोई कटौती नहीं होनी चाहिए। उच्च
शिक्षा निदेशालय ने वेतन घटने के लिए जिम्मेवार न्यूनतम पे बैंड को लागू
करने के लिए हिमाचल प्रदेश के सिविल सर्विस नियमों का हवाला दिया था।
पीजीटी शिक्षक पंकज चौहान ने इसे ट्रिब्यूनल में चुनौती दी जिस पर ये आदेश
हुए हैं।
ऐसे सामने आया कटौती का मामला
सरकार
ने दो महीने पूर्व पीजीटी शिक्षकों को रेगुलर किया। इन शिक्षकों का
इनिशियल स्टार्ट 14,500 फिक्स किया गया। वर्ष 2012 में जो पीजीटी रेगुलर
हुए थे उन्हें 16,290 इनिशियल स्टार्ट दिया गया। टीचरों ने इसी तर्ज पर
इनिशियल स्टार्ट देने की मांग की। शिक्षा विभाग ने मामला वित्त विभाग को
भेजा। वित्त विभाग ने जब इस मामले की जांच की तो पता चला कि उच्चतर शिक्षा
विभाग ने पे फिक्सेशन गलत की है। इसमें 2012 की अधिसूचना का हवाला देकर
2012 के बाद रेगुलर हुए 580 शिक्षकों के वेतन को रि फिक्सेशन करने के आदेश
दिए थे। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने इस शिक्षकों का वेतन नए सिरे से फिक्स
किया था।
ऐसे हो रही थी कटौती
अनुबंध
आधार और पैरा टीचर पॉलिसी 2003 के तहत अक्टूबर 2012 से पूर्व नियुक्त किए
गए प्रवक्ताओं को पे स्ट्रक्चर 10300-34,800 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर
नियुक्त किया गया था। इन्हें इनिशियल स्टार्ट 16290 रुपये दिया गया। उच्चतर
शिक्षा निदेशालय ने स्टेट सिविल सर्विस नियम 2012 के नियम-5 का हवाला देते
हुए पीजीटी को न्यूनतम पे बैंड 10300 जमा 4200 और 14500 रुपए फिक्स किया
जाएगा। निदेशालय के इन आदेशों के चलते पीजीटी के वेतन में 1790 रुपए की
कटौती हो जाएगी। शिक्षक शुरू से ही इसका विरोध कर रहे थे।
सीएम के समक्ष भी उठाया था मामला
राजकीय
अध्यापक संघ भी शिक्षा निदेशालय के इस फैसले का विरोध कर रहा था। संघ ने
इस मसले को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष उठाया था। इसके अलावा प्रधान
सचिव शिक्षा व निदेशक उच्चतर शिक्षा के साथ इस मसले को लेकर बैठक भी की
थी।