; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Advertisement

1688 शिक्षकों की नौकरी पर गिर सकती है गाज, ये है वजह

शिमला : प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सेवाएं दे रहे 1688 अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। बता दें कि केंद्र सरकार ने प्राइमरी कक्षाएं पढ़ाने के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) अनिवार्य की है।
लेकिन कुछ शिक्षकों की प्रिंसिपलों की लेटलतीफी के चलते वेरिफिकेशन नहीं हुई है। बताया जा रहा है स्कूल प्रिंसिपलों को ऑनलाइन ही यह वेरिफिकेशन करनी है।  31 मार्च 2019 के बाद सरकारी और निजी स्कूलों में डीएलएड किए बिना कोई भी शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं को नहीं पढ़ा सकेगा।

केंद्र ने जल्द  वेरिफिकेशन करने के आदेश दिए
केंद्र सरकार ने डीएलएड के प्रति शिक्षकों को जागरूक करने के लिए बीते कई माह से मुहिम चलाई हुई है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश से 1072 अप्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल सरकार को जारी पत्र में बताया गया है कि बीते कुछ दिनों से वेरिफिकेशन का काम बिल्कुल बंद हो गया है। केंद्र ने जल्द से जल्द वेरिफिकेशन करने के आदेश दिए हैं। उधर, केंद्र से पत्र जारी होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को सभी जिला उपनिदेशकों को 25 नवंबर तक वेरिफिकेशन का काम पूरा करवाने के आदेश जारी किए हैं।

UPTET news