शिमला: प्रदेश सरकार ने एस.एम.सी. शिक्षकों के लिए अनुबंध
नीति बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत 2500 एस.एम.सी. शिक्षक
अनुबंध पर आ सकेंगे। सरकार ने विभाग को जल्द से जल्द शिक्षकों के लिए
नीति
बनाने को कहा है ताकि इसी माह इन्हें स्कूलों में तैनाती दी जा सके। इसी
कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी 3 दिन में सभी उपनिदेशकों से जिला के स्कूलों
में एस.एम.सी. शिक्षकों के पदों का ब्यौरा मांगा है। इस दौरान जिलों को
श्रेणी अनुसार एस.एम.सी. शिक्षकों का ब्यौरा, स्कूलों में एस.एम.सी. के
खाली पदों की सूचना, जो एस.एम.सी. पॉलिसी के तहत स्वीकृत तो है लेकिन खाली
पड़े हैं और इसके लिए सरकार से ग्रांट भी दी जा रही है। इस दौरान विभाग ने
नॉन-ग्रांडिट एस.एम.सी. के पदों का ब्यौरा भी जिलों से मांगा है, जो बिना
एस.एम.सी. पॉलिसी के हैं।
ये शिक्षक आएंगे अनुबंध पर
इस नीति के तहत प्रारंभिक विभाग में कार्यरत 1700 एस.एम.सी. शिक्षक व उच्च
शिक्षा विभाग में 879 शिक्षक आएंगे। इसमें 603 टी.जी.टी., 993 सी.एंड वी.,
155 जे.बी.टी., पी.जी.टी. 770 व 109 डी.पी.ई. शामिल हैं। ये शिक्षक समर व
विंटर विकेशन स्कूलों में सेवाएं दे रहे थे।
कम्प्यूटर शिक्षकों ने भी बजट सत्र में नीति की उठाई मांग
कम्प्यूटर शिक्षक संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके लिए भी
अनुबंध नीति लाई जाए। संगठन के अध्यक्ष हेतराम व महासचिव अश्वनी शर्मा ने
सरकार से बजट में नीति की घोषणा की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि
सरकार एस.एम.सी. शिक्षकों को नियमित कर रही है तो कम्प्यूटर शिक्षकों का
क्या कसूर है। संगठन ने हैरानी जताई कि उनकी नियुक्ति इन सब वर्गों से पहले
की है, लेकिन वे आज तक नियमित नहीं हो पाए हैं।