संवाद सूत्र, ज्वालामुखी : प्रदेश बेरोजगार संघ 16 जुलाई को नगर परिषद
कांगड़ा के मैदान में हल्ला बोलेगा और आक्रोश रैली निकालेगा। बेरोजगार संघ
के प्रदेशाध्यक्ष देवराज कौशल ने कहा कि शिक्षा विभाग में चोर दरवाजे तथा
भाई-भतीजावाद से स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से भर्तियां करना
बंद करे।
उन्होंने आरोप लगाया एसएमसी, पीटीए, पैरा, ग्रामीण विद्या उपासक
सभी बैक डोर भर्तियां हैं, यह सब जानते हुए भी सरकार मूक बनी हुई है और
वर्तमान में भी बैक डोर भर्तियों को प्रोत्साहन दे रही है, जबकि उच्च
न्यायालय के आदेशानुसार कोई भी बैक डोर भर्ती नहीं की जा सकती। उच्च
न्यायालय के आदेश अनुसार भर्तियां जो हैं, वह आधिकारिक एजेंसियों जैसे
एसएससी या बैच वाइज के माध्यम से की जाएं, जबकि सरकार आदेशों को ठेंगा दिखा
रही है। शिक्षा विभाग जोकि देश की रीढ़ मानी जाती है सरकार उसी के ऊपर
प्रयोग कर रही है और भाई-भतीजावाद से अकुशल अध्यापकों को चोर दरवाजे से
भर्ती करके शिक्षा के स्तर को नीचे गिराने में लगी है, जबकि प्रदेश में
लाखों योग्य कुशल व टेट क्वालीफाइड अध्यापक हैं, उन्हें सही एजेंसियों के
माध्यम से नियुक्ति नहीं मिल रही है। शिक्षा विभाग में कई सालों से
शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 हजार पद रिक्त हैं तथा
छह हजार पद बैकलॉग के रिक्त हैं। इससे भी सरकार ने चोर दरवाजे से 15 हजार
अध्यापकों की भर्तियां एसएमसी, पीटीए, पैरा, ग्रामीण विद्या उपासक के
माध्यम से की, परंतु हजारों अध्यापक 14-15 साल से सेवाएं देने के बावजूद
नियमित नहीं हो सके हैं। बेरोजगार संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर
ऐसी नीतियों पर रोक नहीं लगती है तो मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना
पड़ेगा। इस मौके पर उपप्रधान विजय ¨सह, महासचिव स्वरूप कुमार, सचिव नीरजा,
मीडिया प्रभारी मुनीश उपस्थित रहे।