राज्य ब्यूरो, शिमला : बेहतर परीक्षा परिणाम न आने के आधार पर शिक्षकों
की वेतनवृद्धि रोकने के प्रदेश सरकार के फैसले पर स्कूल प्रवक्ता संघ ने
सवाल उठाए हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है।
प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष रामकृष्ण मार्कंडेय, चेयरमैन
विनोद बन्याल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा, महासचिव संजीव ठाकुर,
मुख्य संगठन महासचिव राजेश सैनी, राज्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, केदार
रांटा, राजेंद्र वर्मा, जिला शिमला प्रधान लोकेन्द्र नेगी, मंडी के प्रधान
रंगीला, चंबा के प्रधान दीप सिंह खन्ना, बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर,
कुल्लू के प्रधान राजपाल ठाकुर, सिरमौर के प्रधान सुरेंद्र पुंडीर, सोलन के
प्रधान चंद्र देव ठाकुर और कागड़ा के प्रधान राकेश भरवाल ने बताया कि
शिक्षक ईमानदारी से काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी वेतनवृद्धि रोकने से
मनोबल पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने मसले में मुख्यमंत्री से दखल देने का
आग्रह किया है।
संघ ने खेद जताया कि आए दिनों सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कठघरे में
खड़ा किया जा रहा है। बिना किसी आधार के पूरे शिक्षक समाज पर परीक्षा
परिणामों को लेकर अंगुलियां उठाई जा रही हैं। जिन शिक्षकों ने बीते वर्ष
100 फीसद परीक्षा परिणाम दिए, अगर उनका परीक्षा परिणाम इस बार भी अच्छा
नहीं रहा तो उनकी वेतनवृद्धि बंद कर दी है जो सरासर गलत है।
स्टाफ की कमी दूर करे सरकार
सरकार शिक्षकों की कमी को दूर करे। जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं
वहां तैनाती की जाए। सरकार सिस्टम को सुधारने की बात करे तो शिक्षक पूरा
सहयोग करेंगे। केवल दोषारोपण से बात नहीं बनेगी।