राज्य ब्यूरो, शिमला : पीटीए शिक्षकों को नियमित करने के मामले में
सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने के संकेत दिए हैं। अभी इनका मामला कानूनी
पेचीदगियों के बीच उलझा है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार इन
शिक्षकों के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी। किसी भी शिक्षक को नौकरी
से नहीं हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार
पीटीए शिक्षकों को नियमित करने के लिए बीच का रास्ता अख्तियार करेगी। ये
शिक्षक लंबे अरसे से कार्यरत हैं। जिंदगी का अहम वक्त स्कूलों में सेवाएं
देने में गुजर गया है। इनके चयन पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन अब मानवीय
दृष्टिकोण अपनाया जाना जरूरी है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट व प्रशासनिक
ट्रिब्यूनल के बीच में है। सरकार कोई न कोई समाधान निकालेगी। इस मामले को
देखा जा रहा है। 6800 पीटीए शिक्षक हैं हिमाचल में
हिमाचल में करीब 6800 पीटीए शिक्षक हैं। इनमें से 5107 शिक्षकों को
अनुबंध पर पौने चार साल हो गए हैं। इसके अलावा 1400 से अधिक पीटीए शिक्षक
के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा
है कि सरकार दो महीने के भीतर अनुबंध शिक्षकों को नियमित करे। 12 साल पहले
हुई थी नियुक्ति
पीटीए शिक्षकों की नियुक्तियां वर्ष 2006-07 में हुई थीं तब प्रदेश में
कांग्रेस सरकार थी। इसके बाद भाजपा की सरकार आई तब इस मामले में जांच
बैठाई गई। दिसंबर 2012 में कांग्रेस सत्ता में आई। पांच साल आश्वासन दिए
मगर शिक्षक नियमित नहीं हो पाए। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पूर्व विजन
दस्तावेज में पीटीए शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था। जयराम सरकार
भी इन्हें नियमित नहीं कर पाई है। एक ही जगह दे रहे सेवाएं
जो शिक्षक अनुबंध पर नहीं आए हैं, वे एक ही जगह पर 12 वर्षो से सेवाएं
दे रहे हैं। सरकार ने इनके लिए तबादले की कोई नीति नहीं बनाई है।