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मंत्रियों को नहीं भायी शिक्षकों की ट्रांसफर पालिसी

शिमला -हिमाचल में शिक्षकों के लिए बनने वाली ट्रांसफर पालिसी अब शिक्षा मंत्री के अलावा दूसरे मंत्रियों को रास नहीं आई है। यही वजह रही कि पिछली कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद मंत्रियोें ने इस पालिसी को नहीं माना।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रियों का कहना है कि शिक्षकों के लिए केवल ट्रांसफर पालिसी लाना जायज नहीं है। यही वजह रही कि अब पिछली कैबिनेट में ही ट्रांसफर पालिसी को लेकर तैयार की गई फाइल बंद कर दी गई है। बता दें कि ट्रांसफर पालिसी प्रदेश में लागू करने की योजना शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की पहली घोषणा थी। उन्होंने कई बार मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा है कि उन्हें ऐसा लगता है कि वह शिक्षा मंत्री नहीं, बल्कि ट्रांसफर मंत्री है। यही वजह है कि शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ट्रांसफर पालिसी का प्रोपोजल तैयार किया था। छह महीने से भी ज्यादा समय में शिक्षकों के लिए ट्रांसफर पालिसी पर शिक्षा विभाग ने प्रोपोजल तैयार किया था। वहीं, इस पर बाहरी राज्योंं के ट्रांसफर एक्ट व पालिसी के नियमों पर भी विस्तार से स्टडी की गई थी। अहम यह है कि शिक्षकों के लिए बनने वाली इस ट्रांसफर पालिसी को लेकर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कई बार हरियाणा के शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात की थी। उन्हें हरियाणा की ट्रांसफर पालिसी काफी पंसद भी आई थी। यही वजह रही कि हिमाचल से भी शिक्षा विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा गया था और वहां जाकर शिक्षकों की ट्रांसफर पालिसी को समझा था। अब कुल मिलाकर हिमाचल में शिक्षकों के लिए बनने वाली ट्रांसफर पालिसी पर फुलस्टॉप लग चुका है। प्रदेश के शिक्षकों के लिए अहम पालिसी अब राजनीति की भेंट चढ़ चुकी है। बता दें कि ट्रांसफर पालिसी को लेकर शिक्षक संगठनों से भी चर्चा की जा चुकी थी। वहीं कई शिक्षक संगठन ट्रांसफर एक्ट व पालिसी के बिल्कुल खिलाफ थे, ऐसे में इन शिक्षकों को इस फैसले से राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में सबसे ज्यादा सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपनी ट्रांसफर को लेकर नेताओं के चक्कर लगाते हैं। वहीं नेताओं की सिफारिश के आगे शिक्षा अधिकारी भी बेबस हो जाते हैं। मजबूरन शिक्षकों की इच्छानुसार उन्हें पसंदीदा स्कूलों में भेजना पड़ता है। बता दें कि शिक्षक भी राजनीतिक नेताओं का एक बड़ा वोट बैंक हैं। कहा जा रहा है कि इस वजह से भी अन्य मंत्रियों ने ट्रांसफर पालिसी के प्रोपोजल की मंजूरी पर अडंगा डाला। यही वजह है कि मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में भी ट्रांसफर पालिसी पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।

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