शिमला (प्रीति): स्कूल
मैनेजमैंट कमेटी के तहत जिन अधिकारियों ने अपात्र शिक्षकों को नियुक्त किया
है, अब उन अधिकारियों की खैर नहीं है। विभाग ने स्कूलों से इस संबंध में
रिकार्ड तलब किया है।
शिक्षा विभाग ने तर्क दिया है कि एस.एम.सी. पॉलिसी के
तहत शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता तय है, इसके बाद भी कई
स्कूलों में ऐसे टीचर नियुक्त किए गए हैं जो शैक्षणिक योग्यता को पूरा ही
नहीं करते हैं। विभाग के मुताबिक यदि इन शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त किया
जाता है तो शिक्षक हाईकोर्ट या ट्रिब्यूनल में मामले को चुनौती दे सकते
हैं।
ऐसे में शिक्षा निदेशक की ओर से शनिवार को
इस संबंध में स्कूलों का सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक यदि किसी
अधिकारी ने एस.एम.सी. पॉलिसी के तहत अपात्र शिक्षक को नियुक्ति दी तो उसके
खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि राइट
टू एजुकेशन एक्ट के तहत शिक्षक की योग्यता पहले से ही तय है। यदि कोई
शिक्षक शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी, यहां तक कि उसकी नौकरी भी जा सकती है।