राजेश शर्मा, ऊना यह कोई बिहार के किसी स्कूल की पुरानी कहानी नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश
के ऊना जिले के कुछ स्कूलों की सच्ची कहानी है। जिले के कुछ स्कूलों में
सरकारी शिक्षकों ने अपनी जगह ठेके पर शिक्षक तैनात कर लिए हैं। ऐसे शिक्षक
अपनी जगह ठेके पर शिक्षक तैनात करके उनसे काम लेकर छात्रों के भविष्य से
खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड ने बाकायदा ऐसे
स्कूलों के प्रभारियों को चेतावनी पत्र जारी कर दिया है। इसमें ऐसे
शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि भविष्य में अगर ऐसे मामले आए
तो संबंधित स्कूल के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले के कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की शिकायतें मिली थीं कि वे
अपनी जगह अनाधिकृत तौर पर शिक्षक तैनात करके खुद बच्चों को पढ़ाने से बच
रहे हैं। ऐसे में जिले के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड ने इस मामले की गंभीरता
को देखते हुए ऐसे स्कूलों की छानबीन भी की है। हालांकि प्रारंभिक शिक्षा
खंड की ओर से इस छानबीन के बाद किसी शिक्षक के नाम का खुलासा तो नहीं किया
है, लेकिन जिस तरह छानबीन के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में चेतावनी जारी की
गई है उससे जाहिर है कि जिले में कुछ स्कूलों में ऐसा धंधा चल रहा है।
स्कूलों में 50 से 70 हजार रुपये तक का वेतन प्राप्त कर रहे शिक्षकों ने
अपनी जगह ऐसे शिक्षक तैनात किए हैं जिनकी न तो कहीं अनुमति ली गई है और न
ही ऐसे शिक्षक तैनात करने का प्रावधान किया गया है।
बता दें कि ऊना के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी ने अपने अधीनस्थ सभी केंद्रीय मुख्य शिक्षकों को जारी की गाइडलाइन में साफ कहा है कि कई स्कूलों में नियमित काम नहीं हो पा रहा है। स्कूलों में खर्च की जाने वाली राशि को लेकर भी सही तरीके से जानकारी नहीं रखी जा रही है। ऐसे में स्कूलों के प्रभारियों को स्कूल प्रबंधक समिति की नियमित बैठकें करके उनके तहत प्रस्ताव डालकर पैसा खर्च करने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं स्कूलों में मिड डे मील के तहत महीने भर में जो खर्च हो रहा है उसका ब्योरा भी प्रत्येक महीने के पहली से दस तारीख के भीतर देने के लिए कहा गया है। कई स्कूलों द्वारा छात्रों की वर्दियों की सिलाई के लिए छात्रों के बैंक खाते मांगे गए थे, लेकिन कई स्कूलों ने छात्रों के बैंक खाते भी उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके अलावा सबसे अहम मामला स्कूलों में अनाधिकृत पर तैनात किए जा रहे शिक्षकों को लेकर सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक जिले भर में कई ऐसे स्कूल हैं जहां नियमित शिक्षकों ने अपनी जगह अनाधिकृत तौर पर शिक्षक तैनात कर रखे हैं और उनसे काम लिया जा रहा है। इस संबंध में ऊना के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी ने समस्त केंद्रीय मुख्य शिक्षकों को सभी स्कूलों का नियमित चेकिग करके रिपोर्ट जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। इस संबंध में जब उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
-----------
जिले में अगर नियमित शिक्षक अपनी जगह किसी अनाधिकृत शिक्षक से काम ले रहे हैं तो यह सरेआम धोखाधड़ी है। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संदीप कुमार, उपायुक्त ऊना।
बता दें कि ऊना के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी ने अपने अधीनस्थ सभी केंद्रीय मुख्य शिक्षकों को जारी की गाइडलाइन में साफ कहा है कि कई स्कूलों में नियमित काम नहीं हो पा रहा है। स्कूलों में खर्च की जाने वाली राशि को लेकर भी सही तरीके से जानकारी नहीं रखी जा रही है। ऐसे में स्कूलों के प्रभारियों को स्कूल प्रबंधक समिति की नियमित बैठकें करके उनके तहत प्रस्ताव डालकर पैसा खर्च करने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं स्कूलों में मिड डे मील के तहत महीने भर में जो खर्च हो रहा है उसका ब्योरा भी प्रत्येक महीने के पहली से दस तारीख के भीतर देने के लिए कहा गया है। कई स्कूलों द्वारा छात्रों की वर्दियों की सिलाई के लिए छात्रों के बैंक खाते मांगे गए थे, लेकिन कई स्कूलों ने छात्रों के बैंक खाते भी उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके अलावा सबसे अहम मामला स्कूलों में अनाधिकृत पर तैनात किए जा रहे शिक्षकों को लेकर सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक जिले भर में कई ऐसे स्कूल हैं जहां नियमित शिक्षकों ने अपनी जगह अनाधिकृत तौर पर शिक्षक तैनात कर रखे हैं और उनसे काम लिया जा रहा है। इस संबंध में ऊना के एक प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी ने समस्त केंद्रीय मुख्य शिक्षकों को सभी स्कूलों का नियमित चेकिग करके रिपोर्ट जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। इस संबंध में जब उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
-----------
जिले में अगर नियमित शिक्षक अपनी जगह किसी अनाधिकृत शिक्षक से काम ले रहे हैं तो यह सरेआम धोखाधड़ी है। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संदीप कुमार, उपायुक्त ऊना।