रैहन। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ (एचजीटीयू) ने टीजीटी से
लेक्चरर (स्कूल न्यू) के पदों पर प्रमोशन के लिये पांच सालों की रेगुलर
टीजीटी सेवा शर्त को हटाकर इसे तीन वर्ष किये जाने की मांग की है। संगठन ने
पांच वर्षों की शर्त को शिक्षक हितों के विरूद्ध करार देते हुए इसे तुरंत
निरस्त किए जाने की मांग की है।
संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि टीजीटी कैडर में तीन से चार साल कांट्रेक्ट की सेवा के चलते यह शर्त शिक्षकों की नियमित प्रमोशन के लिये सबसे बड़ी बाधक बनी हुई है। सैंकड़ों टीजीटी शिक्षक इस शर्त की वजह से प्रमोशन से वंचित हो रहे हैं।
नरेश कुमार ने बताया कि उनका संगठन इस मसले को लेकर शीघ्र ही प्रदेश सरकार से बात करेगा। उन्होंने कहा कि लेक्चरर कैडर में भर्ती के लिये पचास प्रतिशत कोटा टीजीटी कैडर का हैए जबकि इतनी ही भर्ती डायरेक्ट कोटे से होती है। विगत कुछ समय से कांट्रेक्ट भर्ती होने के कारण प्रमोशन के लिये इंतज़ार की अवधि लंबी हो गई है और टीजीटी कैडर का प्रमोशन बैकलॉग भी बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुये पांच वर्ष की सेवा शर्त को निरस्त कर इसे तीन वर्ष का किया जाये ताकि टीजीटी कैडर के शिक्षकों को राहत मिल सके।
संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि टीजीटी कैडर में तीन से चार साल कांट्रेक्ट की सेवा के चलते यह शर्त शिक्षकों की नियमित प्रमोशन के लिये सबसे बड़ी बाधक बनी हुई है। सैंकड़ों टीजीटी शिक्षक इस शर्त की वजह से प्रमोशन से वंचित हो रहे हैं।
नरेश कुमार ने बताया कि उनका संगठन इस मसले को लेकर शीघ्र ही प्रदेश सरकार से बात करेगा। उन्होंने कहा कि लेक्चरर कैडर में भर्ती के लिये पचास प्रतिशत कोटा टीजीटी कैडर का हैए जबकि इतनी ही भर्ती डायरेक्ट कोटे से होती है। विगत कुछ समय से कांट्रेक्ट भर्ती होने के कारण प्रमोशन के लिये इंतज़ार की अवधि लंबी हो गई है और टीजीटी कैडर का प्रमोशन बैकलॉग भी बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुये पांच वर्ष की सेवा शर्त को निरस्त कर इसे तीन वर्ष का किया जाये ताकि टीजीटी कैडर के शिक्षकों को राहत मिल सके।