शिमला : हिमाचल प्रदेश
के डिग्री कॉलेजों में अब पीटीए पर शिक्षकों की भर्ती नहीं की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेशभर के कॉलेज
प्रधानाचार्यों को आदेश दिए गए हैं कि अगर वे पीटीए पर शिक्षकों को रखते
हैं तो ऐसे में वे उनके वेतन के लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
कॉलेजों में अभी
तक शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए ही पीटीए के तहत शिक्षक रखे जाते
रहे हैं, लेकिन अब शिक्षा विभाग के कॉलेजों को यह निर्देश जारी किए हैं कि
पीटीए के तहत शिक्षकों को कालेजों में ना रखा जाए। उच्च शिक्षा निदेशक की
ओर से सभी सरकारी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को यह निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि स्कूलों में भी एसएमसी
शिक्षकों की तैनाती पर सरकार ने पहले ही रोक लगाई हुईू है और अब जिन पदों
पर एसएमसी शिक्षक तैनात है, वहां भी रेगुलर शिक्षकों की भर्तियां की जा रही
है, वहीं अब कॉलेजों में भी पीटीए के तहत शिक्षकों को रखने पर यह रोक
सरकार की ओर से लगाई गई है। अभी तक प्रदेश के जिन कॉलेजों में शिक्षकों की
कमी है, वहां पीटीए फंड के तहत शिक्षकों की नियुक्ति पीरियड बेसिक पर की
जाती थी। शिक्षक को किसी कक्षा को पढ़ाने के लिए 250 रुपए दिए जाते थे। अब
इस पर सरकार ने रोक लगा दी है।