शिमला। हिमाचल प्रदेश कम्प्यूटर शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कम्प्यूटर शिक्षक संघ के महासचिव अश्वनी शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के
लिए पॉलिसी बनाई गई लेकिन कम्प्यूटर शिक्षक 24 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके सरकार ने कोई कारगर नीति नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि कई कम्प्यूटर शिक्षक रिटायरमैंट की आयु के नजदीक पहुंच गए हैं लेकिन कोई भी पॉलिसी नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 1341 कम्प्यूटर शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आज तक हर सरकार ने शोषण किया है।Himachal2Day brings you the latest news, government updates, education news, job notifications, and local events from Himachal Pradesh.
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कम्प्यूटर शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, जानिए क्या उठाई मांग
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने वर्ष
2014 में कम्प्यूटर शिक्षकों के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश दिए थे लेकिन उस
समय की कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार कोई नीति नहीं बना पाईं हैं।
उन्होंने कहा कि इस दौरान 10 कम्प्यूटर शिक्षकों की जान भी चली गई लेकिन
प्रदेश सरकार द्वारा इनके परिवारों को कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कम्प्यूटर शिक्षकों के हित में कोई निर्णय
नहीं लिया गया तो संघ सरकार के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को
बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि संघ की मांग है कि कम्प्यूटर शिक्षकों को
विभाग में मर्ज किया जाए, समान काम समान वेतन लागू हो और सरकार अपनी स्थिति
स्पष्ट करे।