शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण प्रभावित
हो रही आम छात्रों की पढ़ाई की समस्या का जल्द स्थायी समाधान होने की
उम्मीद है। वहीं, गैर शिक्षकों के दो सौ के करीब टेक्निकल और नॉन टेक्निकल
पदों की रिक्तियों से पेश आ रही समस्या का भी जल्द समाधान होने वाला है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दिशा में तैयारियां शुरू कर दी हैं। अंदर खाते
इन दोनों शिक्षक और गैर शिक्षक श्रेणी के पदों को भरने की प्रदेश सरकार से
मंजूरी दिलवाने को प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। आने वाले दिनों में वित्त
कमेटी की प्रस्तावित बैठक में ये दोनों भर्ती मामले हरी झंडी दिलवाने के
लिए जाना तय हैं। विश्वविद्यालय को गेस्ट फैकल्टी की काम चलाऊ व्यवस्था को
बदल कर स्थायी नियुक्तियां करने के मिले आदेशों के बाद अब यह विवि की
मजबूरी भी बन गई है। चूंकि, न्यायालय ने फिलहाल नए गेस्ट फैकल्टी पढ़ाने को
लगाने से इंकार किया है। विवि के नए कुलपति प्रो. सिंकदर कुमार भी अपने
विजन डाक्यूमेंट में शिक्षक गैर शिक्षक भर्ती को प्राथमिकता के आधार पर ले
रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016 में हुई साठ शिक्षकों की भर्ती के
बाद रिक्त रह गए करीब डेढ़ सौ शिक्षकों के पदों और उसके बाद सेवानिवृत्ति
के कारण रिक्त पदों को भी शामिल कर पुन: विज्ञापित किया जा रहा है।
हालांकि, इनमें तीनों तरह के शिक्षकों के पद शामिल हैं। इनमें एसोसिएट और
प्रोफेसर के पद पदोन्नति से ही भरे जाते हैं।