राज्य ब्यूरो, शिमला : जेबीटी की बैचवाइज भर्ती में जरनल कोटे से सीटें
भरने के मामले में शिक्षा विभाग कार्मिक विभाग से राय लेगा। प्रारंभिक
शिक्षा विभाग ने इस मामले को शिक्षा सचिव के पास भेजा था, जहां से जेबीटी
की बैचवाइज भर्ती के दौरान तय आरक्षित सीटों से अधिक शिक्षकों की भर्ती को
लेकर राय मांगी है।
सूत्रों की मानें तो कार्मिक विभाग ने ही जेबीटी की बैचवाइज भर्ती के
लिए नियम और मानक तय किए गए हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने उन्हीं से भर्ती
प्रक्रिया को लेकर पूछा है कि क्या यह संभव है कि तय आरक्षित सीटों से अधिक
शिक्षक भर्ती किए जा सकते हैं। अब कार्मिक विभाग से जवाब आने के बाद ही यह
पता चलेगा कि जेबीटी की बैचवाइज भर्ती सही हुई या नियमों को तोड़ मरोड़ कर
पेश किया गया है। फिलहाल पांच जिलों जेबीटी की बैचवाइज भर्ती में तय
आरक्षित सीटों से अधिक शिक्षक की भर्ती किए जाने की बात शिक्षा विभाग के
अधिकारियों के सिर पर से निकल रही है। इसी कारण विभाग ने कार्मिक विभाग से
इसे लेकर राय मांगी है।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शुरू
हुई जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात सामने आई है।
चार जिलों में बैचवाइज जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के दौरान तय आरक्षित सीटों
से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। हैरानी की बात है कि ओबीसी, एससी के
लिए जितनी सीटें तय की गई थी, उससे कहीं अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई और
सामान्य वर्ग की सीटों पूरी ही नहीं भरी गई हैं। पांच जिले हमीरपुर,
सिरमौर, कुल्लू, ऊना और बिलासपुर में सामान्य वर्ग की सीटों को पूरा नहीं
भरा गया है।
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इस मामले को लेकर कार्मिक विभाग से राय मांगी गई है। उनकी राय आने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा।
-रोहित जम्वाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग।