शिमला : राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दायर करते हुए बताया है कि प्रदेश में बिना शिक्षक के अब कोई स्कूल नहीं है। पिछले साल 102 सरकारी स्कूल ऐसे थे, जिनमें एक भी टीचर नहीं था। ये नजदीकी स्कूल से डेपुटेशन के सहारे चल रहे थे। इन सभी को कम से कम एक शिक्षक दे दिया गया है।
सरकारी स्कूलों की रिक्तियों को भरने के लिए शिक्षकों के 4500 पदों पर नई भर्ती की जा रही है। साथ ही युक्तिकरण के जरिए अब तक 468 सरप्लस टीचर्स की ट्रांसफर की गई है और इनकी ज्वाइनिंग चल रही है। ये हल्फनामा शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा की ओर से दायर हुआ। बुधवार को इस केस की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई। अब 12 जुलाई 2018 यानी वीरवार को फिर सुनवाई होगी।
शिक्षा सचिव ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के पश्चात खाली पड़े शिक्षकों के पदों को तुरंत भरने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। नई भर्तियों में टीजीटी के 2362 पदों में से 1031 नए और बाकी पुराने हैं। इसी प्रकार सीएंडवी कैटेगिरी के 592 पदों में से 438 का चयन तो हो चुका है और इन्हें एक दो हफ्ते में नियुक्ति दे दी जाएगी।
कोर्ट को बताया गया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के बघेईगढ़ और मंडी के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी में शिक्षकों के पद भर दिए गए हैं। गौरतलब है कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी के बच्चों ने हाईकोर्ट के नाम पत्र लिखकर शिक्षकों को तैनात करने की गुहार लगाई थी।
इस स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल गणित का एक पद वर्ष 2006 से, टीजीटी विज्ञान का पद मई 2014 से, टीजीटी आट्र्स के 2 पद 14 जुलाई 2016 से और भाषा अध्यापक का एक पद वर्ष 1998 से रिक्त चल रहा था। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में 5 शिक्षकों के ज्वाइन न करने पर स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थी भूख हड़ताल पर चले गए थे।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के पश्चात शिक्षा विभाग प्रशासन हरकत में आया और इन स्कूलों में रिक्त पदों को भरा गया। प्रदेश उच्च न्यायालय ने विभिन्न स्कूलों में खाली पड़े हजारों शिक्षकों के पदों को तुरंत भरने के लिए राज्य सरकार को आदेश जारी किए हैं।
468 टीचर अब तक बदले युक्तिकरण की प्रक्रिया से
102 स्कूलों में नहीं थे टीचर डेपुटेशन से चल रहे थे
कहां कितने पद भरेंगे?
जेबीटी 1534
टीजीटी 2362
सीएंडवी 0592
कुल 4488
एसएमसी भर्ती की बात कोर्ट को नहीं बताई
सरकार ने अपने जवाब में ये तो कहा कि शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को बैचवाइज और सीधी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन उस एसएमसी भर्ती की कोशिशों की बात कोर्ट को नहीं बताई, जिसकी प्रक्रिया पर कैबिनेट में सहमति नहीं बन सकी थी। हालांकि भर्ती के लिए मंत्रिमंडल मंजूरी दे चुका है। दायर जवाब पर अब एमिक्स क्यूरी एडवोकेट अर्जुन लाल सूद अपना जवाब देंगे।
“हाईकोर्ट में विस्तृत जवाब दे दिया है। वीरवार को सुनवाई होगी, लेकिन इसमें हमें नहीं बुलाया गया है। हम आरटीई की शर्तों को पूरा करेंगे और खाली पद भरने पर तेजी से काम करेंगे। “
-डा. अरुण शर्मा, शिक्षा सचिव।