सरकार और निजी स्कूल संचालकों की लड़ाई के बीच में जहां अभिभावक पिसने को
मजबूर हैं। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी इससे बाधित होगी। जहां सरकार निजी
स्कूल संचालकों पर शिकंजा कसने का दावा कर रही है। वहीं निजी स्कूल
संचालकों ने सरकार की योजनाओं पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
निजी स्कूल संचालकों के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बुलाई बैठक में
निजी स्कूल संचालकों ने दावा किया है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम
को वह एक माह में समाप्त कर देंगे। ऐसे में पूरा साल भर बच्चों से क्या
करवाएंगे। निजी स्कूल संचालकों का आरोप है कि दस अप्रैल तक किताबें मुहैया
करवाने का बोर्ड ने दावा किया है। ऐसे में एक अप्रैल से शुरू हुए शैक्षणिक
सत्र के दस दिन बच्चों के खराब हो रहे हैं।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर आरोप लगाया है कि स्कूल से संबंधित एक ही रिपोर्ट और डाटा प्रारंभिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड सहित अन्य एजेंसियां मांगती हैं। सरकार के किसी भी विभाग में तालमेल न होने की वजह से एक ही डाटा को आपस में शेयर नहीं करते।
ऑडिट रिपोर्ट के बिना स्कूल की संबद्धता ही रिन्यू नहीं होती। अब फिर से ऑडिट रिपोर्ट मांगी जा रही है। उधर उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा गुरदेव ने बताया कि बैठक में निजी स्कूल संचालकों के सुझाव लिए गए हैं। इन्हें शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
खाते में वेतन डाल, वापस ले रहे पैसे
कई निजी स्कूल संचालक सरकार के निर्देशों के बाद स्टाफ कर्मचारियों के खातों में वेतन जमा कर रहे हैं, लेकिन बाद में कर्मचारियों से आधे से भी ज्यादा पैसे वापस ले लिए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में ऐसे मामले सामने आए हैं। इससे सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर आरोप लगाया है कि स्कूल से संबंधित एक ही रिपोर्ट और डाटा प्रारंभिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड सहित अन्य एजेंसियां मांगती हैं। सरकार के किसी भी विभाग में तालमेल न होने की वजह से एक ही डाटा को आपस में शेयर नहीं करते।
ऑडिट रिपोर्ट के बिना स्कूल की संबद्धता ही रिन्यू नहीं होती। अब फिर से ऑडिट रिपोर्ट मांगी जा रही है। उधर उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा गुरदेव ने बताया कि बैठक में निजी स्कूल संचालकों के सुझाव लिए गए हैं। इन्हें शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
खाते में वेतन डाल, वापस ले रहे पैसे
कई निजी स्कूल संचालक सरकार के निर्देशों के बाद स्टाफ कर्मचारियों के खातों में वेतन जमा कर रहे हैं, लेकिन बाद में कर्मचारियों से आधे से भी ज्यादा पैसे वापस ले लिए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी का दावा है कि निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में ऐसे मामले सामने आए हैं। इससे सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।