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निजी स्कूलों को दो टूक-हाईकोर्ट की गाइडलाइन मानें वरना कार्रवाई झेलें

ऊना। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के साथ बैठक कर आखिरी बार निर्देश जारी कर सचेत कर दिया है कि अगर उन्होंने हाई कोर्ट की गाइडलाइन को जल्द लागू नहीं किया तो वे कानूनी कार्रवाई के लपेटे में आ सकते हैं।


शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को साफ-साफ सख्त निर्देशों में अंतिम आदेश जारी कर दिए हैं। उन्हें आखिरी निर्देश देकर कोर्ट की गाइडलाइन लागू करने को कहा गया। बैठक में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को गाइडलाइन के तहत सरकारी स्कूलों की तर्ज पर आठवीं तक विद्यार्थियों से दाखिला फीस न लेने। 9वीं, जमा एक और दो में ही दाखिला फीस लेने पर जोर दिया। इसके साथ फीस में कितनी प्रतिशत वृद्धि की है और किन कारणों से की है, इस बारे में भी निजी स्कूलों को पूरी जानकारी देनी होगी। विद्यार्थियों को टूर पर लेकर जाने से पहले निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग से स्वीकृति लेनी होगी। विद्यार्थियों से टूर के लिए ली जाने वाली फीस की भी रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को सख्त निर्देशों में आदेश दिए कि वह जल्द से जल्द स्कूल में तैनात अध्यापकों के प्रमाण-पत्रों की रिपोर्ट सहित उनके वेतन की जानकारी विभाग को दें।

वर्दी और किताबों को देना होगा ब्योरा
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को आदेश जारी किए कि अगर निजी स्कूल विद्यार्थियों की किताबों व वर्दियों को स्कूल में बेचना चाहते हैं तो इसका पूरी रिपोर्ट शिक्षा विभाग और संबंधित विभाग को देनी होगी। साथ में हर दिन और हर सप्ताह में कितना स्टॉक किताबों और वर्दियां को बेचा गया है और कितना शेष बच गया है तथा उसकी कुल कीमत कितनी है आदि पूरी रिपोर्ट हर समय स्कूल प्रबंधन को मौके पर प्रस्तुत करनी होगी। तभी निजी स्कूल विद्यार्थियों को किताबें और वर्दियां बेच सकते हैं। इसमें स्कूल प्रबंधन किताबों और वर्दियों की कीमतों पर अपनी मनमर्जी करता है तो स्कूल प्रबंधन कानूनी कार्रवाई के लपेटे में आ सकता है।

नहीं ले सकते कोई फंड
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को साफ निर्देशों में सचेत किया है कि निजी स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का कोई फंड आदि नहीं ले सकता। अगर निजी स्कूल ऐसा करते हैं तो उन स्कूलों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल बसों की होगी जांच : गुप्ता
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को ले जाने और लाने के लिए लगाई निजी स्कूलों की बसों की शिक्षा विभाग की टीम द्वारा जांच की जाएगी। साथ ही अगर किसी बस में नौनिहालों को भेड़-बकरियों की तरह बस में बिठाया गया तो उस स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट भेजी जाएगी शिमला : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने कहा कि बैठक में निजी स्कूलों को दिए निर्देश उन्हें हर हाल में मानने होंगे। अन्यथा निर्देश न मानने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन स्कूलों की एनओसी रद्द की जा सकती है। बैठक की रिपोर्ट बनाकर शिमला स्थित निदेशालय भेजी जाएगी।

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