सुंदरनगर (मंडी)। निजी स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा के नाम पर उन पर लगाए जा
रहे लूट शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि लूट हथियारों
की नोक पर होती है जबकि वे जो कार्य करते हैं, वह पूरी तरह से पारदर्शी
होता है। स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि शिक्षा के प्रचार और प्रसार में
निजी क्षेत्र अहम भूमिका निभा रहा है।
इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं लेकिन कुछ लोग शिक्षा को व्यापार बता कर उन पर जो आरोप लगाते हैं, वे तथ्यों से परे हैं। यह शब्द शनिवार को सुंदरनगर में शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय एवं शिक्षा नीतियों संबंधी विभिन्न विषयों पर निजी स्कूल के साथ आयोजित बैठक में स्कूल प्रबंधन ने कहे। बैठक महावीर पब्लिक स्कूल सुंदरनगर में उप निदेशक उच्च शिक्षा अशोक शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर उपनिदेशक अशोक शर्मा ने निजी स्कूल प्रबंधन को विद्यालय एवं शिक्षा प्रारूप पर विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। बैठक में निजी स्कूलों में फीस, फंड आदि, किताबों, वर्दियों, स्टेशनरी की स्कूल परिसर में बिक्री अकाउंट की आडिट रिपोर्ट, स्कूल की इमारतों, आपदा प्रबंधन, अध्यापकों के वेतन और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई और प्रधानाचार्यों को इस बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर स्कूल प्रबंधकों ने बताया विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का माहौल और हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो, यह निजी क्षेत्र प्रयास कर रहा है। अगर कुछ संस्थानों में किताबों और वर्दी की बिक्री की गई है तो वह स्कूल की पीटीए की ओर से पारित प्रस्तावों के आधार पर ही की गई, जिससे बच्चों को पाठन सामग्री के लिए भटकना न पड़े। सरकार के निर्देश के बाद वह भी अब पूरी तरह से बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल सालाना दस फीसदी से भी कम ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं जो सरकार के दिशा निर्देशों के तहत ही है। इस बढ़ोतरी से होने वाली आय को स्कूल, खेल मैदान, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, शौचालयों और सुरक्षा इंतजामों के रखरखाव और मरम्मत और बेहतर शिक्षण माहौल तैयार करने पर ही खर्च किया जाता है। वहीं दूसरी ओर स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापकों के वेतन में भी सालाना बढ़ोतरी करनी पड़ती है। इससे अच्छे शिक्षक स्कूल छोड़ कर नहीं जाते हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को आश्वस्त किया कि निजी क्षेत्र पूरी तरह से शिक्षा विभाग के साथ खड़ा है और जो भी शिक्षा की बेहतरी के लिए निर्देश हैं, वे उनका पूरी इमानदारी से पालन करेंगे। इस मौके पर अनुराधा जैन, मोहित चुघ, केपी शर्मा, अमित कौशल, केसी ठाकुर, ज्ञान चंद, राजेश शर्मा सहित विभिन्न स्कूलों के चेयरमैन और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं लेकिन कुछ लोग शिक्षा को व्यापार बता कर उन पर जो आरोप लगाते हैं, वे तथ्यों से परे हैं। यह शब्द शनिवार को सुंदरनगर में शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय एवं शिक्षा नीतियों संबंधी विभिन्न विषयों पर निजी स्कूल के साथ आयोजित बैठक में स्कूल प्रबंधन ने कहे। बैठक महावीर पब्लिक स्कूल सुंदरनगर में उप निदेशक उच्च शिक्षा अशोक शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर उपनिदेशक अशोक शर्मा ने निजी स्कूल प्रबंधन को विद्यालय एवं शिक्षा प्रारूप पर विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। बैठक में निजी स्कूलों में फीस, फंड आदि, किताबों, वर्दियों, स्टेशनरी की स्कूल परिसर में बिक्री अकाउंट की आडिट रिपोर्ट, स्कूल की इमारतों, आपदा प्रबंधन, अध्यापकों के वेतन और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई और प्रधानाचार्यों को इस बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर स्कूल प्रबंधकों ने बताया विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का माहौल और हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो, यह निजी क्षेत्र प्रयास कर रहा है। अगर कुछ संस्थानों में किताबों और वर्दी की बिक्री की गई है तो वह स्कूल की पीटीए की ओर से पारित प्रस्तावों के आधार पर ही की गई, जिससे बच्चों को पाठन सामग्री के लिए भटकना न पड़े। सरकार के निर्देश के बाद वह भी अब पूरी तरह से बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल सालाना दस फीसदी से भी कम ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं जो सरकार के दिशा निर्देशों के तहत ही है। इस बढ़ोतरी से होने वाली आय को स्कूल, खेल मैदान, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, शौचालयों और सुरक्षा इंतजामों के रखरखाव और मरम्मत और बेहतर शिक्षण माहौल तैयार करने पर ही खर्च किया जाता है। वहीं दूसरी ओर स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापकों के वेतन में भी सालाना बढ़ोतरी करनी पड़ती है। इससे अच्छे शिक्षक स्कूल छोड़ कर नहीं जाते हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग को आश्वस्त किया कि निजी क्षेत्र पूरी तरह से शिक्षा विभाग के साथ खड़ा है और जो भी शिक्षा की बेहतरी के लिए निर्देश हैं, वे उनका पूरी इमानदारी से पालन करेंगे। इस मौके पर अनुराधा जैन, मोहित चुघ, केपी शर्मा, अमित कौशल, केसी ठाकुर, ज्ञान चंद, राजेश शर्मा सहित विभिन्न स्कूलों के चेयरमैन और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।