हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के 100 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने जा रही है। इस योजना के तहत इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए लगभग 5000 शिक्षकों का चयन और तैनाती की जाएगी।
🔹 योजना का उद्देश्य
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सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना
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छात्रों को CBSE पैटर्न के अनुरूप पढ़ाई का अवसर देना
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राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली से जोड़ना
🔹 5000 शिक्षकों का चयन कैसे होगा?
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अलग सब-कैडर (विशेष कैडर) का गठन
CBSE से जुड़े स्कूलों के लिए शिक्षकों का एक अलग सब-कैडर बनाया जाएगा। इसमें वही शिक्षक शामिल होंगे जो CBSE मानकों के अनुरूप पढ़ाने में सक्षम होंगे। -
मौजूदा शिक्षकों को प्राथमिकता
वर्तमान में कार्यरत सरकारी शिक्षकों को इस सब-कैडर में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। उन्हें स्थायी रूप से CBSE स्कूलों में तैनाती मिल सकती है। -
योग्यता और अनुभव के आधार पर चयन
चयन में शैक्षणिक योग्यता, विषय विशेषज्ञता, शिक्षण अनुभव, विद्यार्थियों के परिणाम और शैक्षणिक प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। -
चयन प्रक्रिया / परीक्षा की संभावना
सरकार इस सब-कैडर के लिए एक विशेष चयन प्रक्रिया या परीक्षा भी करा सकती है, जिससे केवल योग्य और सक्षम शिक्षक ही CBSE स्कूलों में पढ़ाएं। -
स्कूलों में शिक्षक संख्या
प्रत्येक CBSE-संबद्ध स्कूल में औसतन 40–50 शिक्षकों की आवश्यकता होगी। इसी आधार पर कुल संख्या लगभग 5000 मानी जा रही है।
🔹 शिक्षक संगठनों की आपत्ति
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शिक्षक संगठनों ने दोबारा परीक्षा या चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
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उनका कहना है कि अनुभवी शिक्षकों को फिर से परीक्षा देना अनुचित है।
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इस विषय पर सरकार और संगठनों के बीच बातचीत जारी है।
🔹 निष्कर्ष
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100 सरकारी स्कूल CBSE से संबद्ध होंगे
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लगभग 5000 शिक्षकों की तैनाती होगी
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चयन के लिए अलग सब-कैडर बनाया जाएगा
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योग्यता और गुणवत्ता पर विशेष जोर रहेगा