हिमाचल प्रदेश सरकार ने छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्कूल परिसरों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लिया गया यह कदम विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुशासन और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने की दिशा में माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम्स और अनावश्यक इंटरनेट गतिविधियों के कारण कक्षा में एकाग्रता प्रभावित होती है। इसी समस्या को देखते हुए स्कूल समय के दौरान छात्रों के मोबाइल फोन रखने और इस्तेमाल करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
यह प्रतिबंध मुख्य रूप से छात्रों पर लागू होगा, जबकि शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के लिए नियमों में आवश्यकतानुसार अलग प्रावधान किए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे इस निर्णय को प्रभावी रूप से लागू करें और छात्रों को इसके लाभों के बारे में जागरूक करें।
शिक्षाविदों का मानना है कि मोबाइल फोन पर रोक से छात्रों में अनुशासन बढ़ेगा, पढ़ाई में रुचि विकसित होगी और कक्षा का माहौल अधिक सकारात्मक बनेगा। साथ ही छात्रों के बीच आपसी संवाद और शारीरिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों का स्क्रीन टाइम कम होगा और वे पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में अधिक समय दे पाएंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार का यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
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