हिमाचल प्रदेश सरकार ने विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए बड़ा और अहम कदम उठाया है। अब प्रदेश के युवाओं को विदेश नौकरी के लिए ठगने वाले फर्जी एजेंटों पर लगाम लगेगी और पूरी प्रक्रिया सरकार की निगरानी में होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि अब विदेश रोजगार से जुड़ी व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और नियंत्रित बनाया गया है। इससे युवाओं को न तो झूठे वादों में फंसना पड़ेगा और न ही भारी रकम गंवानी होगी। पहले कई मामलों में देखा गया था कि निजी एजेंट विदेश भेजने के नाम पर युवाओं से पैसे वसूल कर उन्हें ठग लेते थे।
रोजगार मेलों के माध्यम से सीधी भर्ती
सरकार की नई पहल के तहत रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जहां युवाओं का चयन सीधी और वैध प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। ऐसे ही एक रोजगार मेले में विदेश में डिलीवरी राइडर और वेयरहाउस हेल्पर जैसे पदों के लिए युवाओं का चयन किया गया, जिससे उन्हें भरोसेमंद अवसर मिला।
अवैध एजेंटों पर कड़ी नजर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब विदेश नौकरी के लिए अनधिकृत एजेंटों की मनमानी नहीं चलेगी। केवल सरकारी स्तर पर मान्यता प्राप्त और नियंत्रित प्रक्रिया के तहत ही युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। इससे न केवल धोखाधड़ी रुकेगी, बल्कि युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
युवाओं के लिए संदेश
सरकार ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वे विदेश जाकर ईमानदारी और मेहनत से काम करें, ताकि प्रदेश की सकारात्मक छवि बने। साथ ही अन्य युवाओं से भी अपील की गई है कि वे केवल सरकारी और विश्वसनीय माध्यमों से ही विदेश रोजगार से जुड़ी जानकारी लें।
निष्कर्ष: हिमाचल प्रदेश सरकार की इस पहल से विदेश नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी पर प्रभावी रोक लगेगी और युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी व भरोसेमंद रोजगार अवसर मिल सकेंगे।