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लाइब्रेरियन के एक हजार से अधिक पद रिक्त

संवाद सहयोगी, कुल्लू : एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समग्र शिक्षा योजना के तहत हर स्कूल में लाइब्रेरी अनिवार्य रूप से खोलने की मंजूरी दी है तो वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में सरकार इस ओर प्रयासरत नहीं है।
केंद्र सरकार की योजना के तहत प्राइमरी से लेकर 12वीं तक सभी सरकारी स्कूलों में पुस्कालय खोलना वैधानिक किया गया है। बावजूद इसके इस वर्ग की नियुक्तियां नहीं की जा रही है। जिससे इस वर्ग में खासा रोष है। नतीजतन प्रदेश में 1120 पद लाइब्रेरियन व सहायक लाइब्रेरियन के पद खाली पड़े हुए हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार कोई कारगर कदम नहीं उठा पा रही है। इससे हिमाचल प्रदेश बेरोजगार लाइब्रेरियन संघ में खासा रोष भी है। इनका कहना है कि यदि उन्हें समय पर रोजगार नहीं मिल पाता है तो वे ओवर ऐज होने के कगार पर है। संघ का मानना है कि सरकार इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करें और इन रिक्त पदों को 50 फीसदी कमीशन से व 50 फीसदी बैचवाइज से भरने की कृपा करें। संघ के प्रदेशाध्यक्ष बसंत ¨सह राणा ने कहा कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री को भी पत्र के माध्यम से अवगत करवाएंगे। उधर, जिला कुल्लू के आनी में खेम चंद, विजय कुमार आदि का कहना है कि कई वर्षों से लाइब्रेरियन के पदों को भरने की आस में बैठे हैं। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से पहल नहीं हो पा रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन हम लोग भी इन पदों के लिए आयोग्य हो जाएंगे। हमने कई वर्ष पूर्व लाखों रुपये खर्च कर इसके लिए डिप्लोपा कर रखा है जो आज बेकार पड़ा हुआ है।

जानकारी के अनुसार प्रदेश के स्कूलों व कॉलेजों में पुस्तकालयाध्यक्ष कॉलेज काडर के 100 पद, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के 800 पद, पुस्तकालय परिचर के 60 पद, पुस्तकालय पुन:स्थापक के 60 पद व पुस्तकालय वाहन के 100 पद खाली पड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग में इतने बड़े पैमाने पर रिक्त खाली पड़े हैं। प्रदेश में इनकी संख्या 16 हजार के करीब हैं। इसके बावजूद भी हर वर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालय कांगड़ा से विद्यार्थी प्रशिक्षित होकर आ रहे हैं। जिससे यह आंकड़ा और भी अधिक हो सकता है। संघ का कहना है कि वर्ष 2009-10 में पूर्व की सरकार ने इस संबंध में नियुक्तियां की थी। लेकिन उसके बाद इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। संघ ने सरकार से मांग की है बेरोजगारों की समस्याओं को देखते हुए वे इस संबंध में कोई त्वरित कार्रवाई अमल में लाएं।

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