प्रधान केसर ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों से पूरा साल गैर शिक्षण कार्य करवाए जाने से छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है। आए दिन स्कूलों में महत्वपूर्ण दिवस, आला अधिकारियों के प्रोग्राम करवाए जाते हैं। इससे शिक्षण दिवस कम हो जाते हैं। विभाग की अन्य गतिविधियों, मूलभूत ढांचे की कमी भी खराब परीक्षा परिणाम के लिए उत्तरदायी हैं।
इन सभी कारणों पर अध्ययन कर ही सही परीक्षा परिणाम नीति बनानी चाहिए। किसी शिक्षक का परिणाम कई साल अच्छा रहता है। एक साल परिणाम कम आने पर शिक्षक को अयोग्य मान लेना गलत है। कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को एक मौका देना चाहिए। शिक्षकों की वेतन वृद्धि को जारी किया जाना चाहिए।