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खुशखबरी: हिमाचल मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग के 2000 दैनिक भोगी अशंकालीन जलवाकों को किया नियमित
शिमला हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की आज यहां आयोजित बैठक में उच्च-प्रारंभिक
शिक्षा विभाग में वर्ष 1996 की नीति के तहत 27 जुलाई 2001 से पूर्व नियुक्त
किए गए लगभग 2000 दैनिकभोगी अंशकालीन जलवाहकों व जलवाहक एवं सेवादारों,
जिन्होंने 31 मार्च 2016 व 30 सितंबर 2016 को बतौर दैनिक भोगी अंशकालीन
जलवाहकों व जलवाहक एवं सेवादारों के रूप में 14 साल का निरंतर सेवाकाल पूरा
कर लिया है, की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया।
कर्मचारियों के लिए आफत बनी बायोमीट्रिक मशीन
संवाद सहयोगी, ऊना : शिक्षा विभाग के जिला व ब्लॉक कार्यालयों में सरकार
की ओर से बायोमीट्रिक मशीनें कर्मचारियों के लिए आफत हो गई हैं। मशीनों के
सही कार्य न करने पर हाजिरी समय की बजाय देरी से लग रही है। बायोमीट्रिक
मशीनें मात्र डेढ़ माह में ही खराब होने लग पड़ी हैं।
ड्यूटी से नदारद रहने वाले अध्यापकों पर कसेगा शिकंजा
राज्य ब्यूरो, शिमला : अध्यापकों को ड्यूटी से नदारद रहना महंगा पड़ सकता
है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल से बिना बताए गैरहाजिर रहने वाले
अध्यापकों पर शिकंजा कसने के लिए स्कूलों का औचक निरीक्षण करेगा। इसके लिए
निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) मनमोहन शर्मा ने सभी उप निदेशकों को निर्देश
जारी कर दिए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में विकसित देशों से बहुत पीछे भारत, बराबरी करने में लगेंगे 126 साल
नई दिल्ली। शिक्षा के क्षेत्र में भारत के सुधार की रफ्तार यदि ऐसी ही रही तो उसे विकसित देशों की तरह अपनी शिक्षा के स्तर को शीर्ष पर ले जाने में 126 साल का समय लगेगा। उद्योग संगठन एसोचैम ने मंगलवार को जारी एक अध्ययन पत्र में यह बात कही है।
भर्ती प्रक्रिया में धांधली : कटवाल के घर पर विजीलैंस की दबिश
हमीरपुर: वर्ष 2002-03 में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ चयन
बोर्ड हमीरपुर के नियुक्ति मामले को लेकर पूर्व अध्यक्ष एसएम कटवाल की
गिरफ्तारी के लिए विजीलैंस की टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी है
लेकिन कटवाल यहां नहीं मिले हैं।
22 को होगा कम्प्यूटर शिक्षकों का फैसला, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर
शिमला: कम्प्यूटर शिक्षकों का मामला सुलझता नजर आ रहा
है। प्रदेश सरकार ने मामले पर 22 सितम्बर को बैठक रखी है जिसमें विभाग को
शिक्षकों के ब्यौरे के साथ तलब किया है। इस दौरान सरकार ने प्रदेश में
कंपनी के माध्यम से कार्यरत सभी कम्प्यूटर शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है।
अब ये टीचर्स नहीं कर सकेंगे इक्डोल से बीएड की पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला पत्राचार से बीएड करने के इच्छुक यूजी डिग्री धारक शास्त्री और लैंग्वेज टीचर्स को अब इक्डोल से बीएड कोर्स में प्रवेश नहीं मिल पाएगा, चूंकि वे एनसीटीई के नए नियमों के तहत पात्र ही नहीं हैं। इनमें खास तौर से सामान्य शास्त्री कोर्स भाषा अध्यापक कोर्स कर चुके और सरकारी व निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले अब दूरवर्ती मोड से बीएड की डिग्री नहीं कर पाएंगे।
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