शिमला। सरकारी नौकरी वाले अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों
में पढ़ाएं, इलाहबाद हाईकोर्ट के इस फैसले का हिमाचल के कुछ शिक्षक संघों
ने स्वागत किया है। शिक्षक संघों का कहना है कि इसी आधार पर प्रदेश सरकार
को भी ये व्यवस्था लागू करनी चाहिए। हालांकि प्रदेश में शिक्षा विभाग से
जुड़े अफसरों और नेताओं में से किसी के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं हैं,
न ही ये इन स्कूलों में कभी पढ़े हैं। राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष
वीरेंद्र चौहान ने कोर्ट के इस फैसले को प्रसंशनीय बताया है।