शिमला : प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में सेवाएं दे
रहे 1688 अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। बता दें कि
केंद्र सरकार ने प्राइमरी कक्षाएं पढ़ाने के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंट्री
एजूकेशन (डीएलएड) अनिवार्य की है।
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प्रिंसिपलों की लेटलतीफी पड़ेगी 1688 शिक्षकों की नौकरी पर भारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में 1688 अप्रशिक्षित
शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। ये अप्रशिक्षित शिक्षक सरकारी और
निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं। इनकी नौकरी पर मंडराने वाले संकट के पीछे और
कोई कारण नहीं, प्रिंसिपलों की लेटलतीफी है।
एनआईओएस में पंजीकरण न करवाने पर फंसे शिक्षक
सोलन। सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षा प्रदान कर रहे
अप्रशिक्षित अध्यापकों को विभाग ने तीन दिन में पंजीकरण करवाने की हिदायत
दी है। यह नसीहत उन अध्यापकों के लिए है जिन्होंने एनआईओएस के तहत
प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण करवाया था।
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