सुंदरनगर: प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ आई.टी. शिक्षकों
के आंदोलन के समर्थन में उतर आया है। संघ ने आई.टी. शिक्षकों की सरकारी
नियंत्रण में लेने की मांग को जायज करार देते हुए कहा कि इन्हें सरकार
वार्ता के लिए आमंत्रित करें अन्यथा संघ मजबूरन आई.टी. शिक्षकों के पक्ष
में आंदोलन का रुख अख्तियार करेगा।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष डा. अश्वनी कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सैणी, महासचिव सुरेंद्र सकलानी, मनोज शर्मा, जिला अध्यक्ष किशन भारती, जिला महामंत्री दिनेश, जिला प्रैस सचिव लेख राज, निधि सैनी, सुनिता हिमालयन, ललिता और पद्ममाक्षी ने कहा कि आई.टी. शिक्षक शिक्षा विभाग में 1996 से लेकर विभिन्न कंपनियों के तहत सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को इसके लिए पहले ही ठोस नीति बना लेनी चाहिए थी। वर्ष 2002 में प्रदेश में आई.टी. शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग से डोवेक कॉमनी नामक कंपनी का वर्ष 2008 तक एग्रीमैंट रहा।
इसके बाद चेन्नई के एवरान कंपनी के साथ करार हुआ, जिसके तहत डोवेक कंपनी में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को कंपनी को समायोजित करना पड़ा लेकिन वर्ष 2013 में डोवेक कंपनी ने अपना नाम बदल कर नाइलिट रखा और दोबारा करार किया। कनिष्ठ वर्ग के शिक्षकों को 8800 रुपए और वरिष्ठ वर्गों के शिक्षकों को 9800 रुपए देने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रवक्ता संघ ने इन आई.टी. शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि शिक्षकों को सरकार शीघ्र वार्ता के लिए बुलाए और इन्हें सरकारी नियंत्रण में लेने के लिए नीति बनाएं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
संघ के प्रदेशाध्यक्ष डा. अश्वनी कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सैणी, महासचिव सुरेंद्र सकलानी, मनोज शर्मा, जिला अध्यक्ष किशन भारती, जिला महामंत्री दिनेश, जिला प्रैस सचिव लेख राज, निधि सैनी, सुनिता हिमालयन, ललिता और पद्ममाक्षी ने कहा कि आई.टी. शिक्षक शिक्षा विभाग में 1996 से लेकर विभिन्न कंपनियों के तहत सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को इसके लिए पहले ही ठोस नीति बना लेनी चाहिए थी। वर्ष 2002 में प्रदेश में आई.टी. शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग से डोवेक कॉमनी नामक कंपनी का वर्ष 2008 तक एग्रीमैंट रहा।
इसके बाद चेन्नई के एवरान कंपनी के साथ करार हुआ, जिसके तहत डोवेक कंपनी में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को कंपनी को समायोजित करना पड़ा लेकिन वर्ष 2013 में डोवेक कंपनी ने अपना नाम बदल कर नाइलिट रखा और दोबारा करार किया। कनिष्ठ वर्ग के शिक्षकों को 8800 रुपए और वरिष्ठ वर्गों के शिक्षकों को 9800 रुपए देने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रवक्ता संघ ने इन आई.टी. शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि शिक्षकों को सरकार शीघ्र वार्ता के लिए बुलाए और इन्हें सरकारी नियंत्रण में लेने के लिए नीति बनाएं।
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