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यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 पेपर लीक मामले में फैसला सुरक्षित

प्रयागराज, जेएनएन। उप्र लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 पेपर लीक मामले में परीक्षा परिणाम संबंधी कागजात दिखाने को राजी हो गया है, लेकिन अन्य गोपनीय कागज दिखाने को तैयार नहीं है। आयोग की याचिका पर हाई कोर्ट में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। शीघ्र ही कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने की। राज्य सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार पाल व अपर शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र ने प्रतिवाद किया। कहा, बिना दस्तावेज देखे पेपर लीक के आरोपितो की भूमिका का पता नहीं लगाया जा सकता। जांच एजेंसी वही दस्तावेज की जांच करेगी जो घपले से संबंधित है। आयोग जांच एजेंसी के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
वहीं आयोग की तरफ से कहा गया कि जांच एजेंसी गोपनीय दस्तावेज नहीं मांग सकती। आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित करने संबंधी दस्तावेज वरिष्ठ जांच अधिकारी द्वारा देखे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ आयोग ने साफ किया कि जो दस्तावेज मांगे गए हैं, वे बेहद गोपनीय हैं। नियमानुसार उन्हें किसी को दिया नहीं जा सकता।

आयोग को यह विशेषाधिकार प्राप्त है कि वह अपने अति गोपनीय दस्तावेज को सार्वजनिक न होने दे। इसके बावजूद एसटीएफ उन्हें अपनी जांच में शामिल करना चाहती है। याचिका में एसटीएफ के नोटिस को रद करने और आयोग के किसी अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध उत्पीडऩात्मक कार्रवाई नहीं करने की मांग की गई है। सरकार का कहना था कि जांच में पेपर लीक की तह तक जाने की कोशिश में अपेक्षित दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया है। बिना दस्तावेजों को देखे घोटाले के दोषियों तक नहीं पहुंचा जा सकता।

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