मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट में हर वर्ग को खुश करने का प्रयास
किया है, लेकिन सरकार स्कूलों में आउटसोर्स पर तैनात 1350 कंप्यूटर
शिक्षकों को राहत नहीं दी है।
बजट से पहले शिक्षा अधिकारियों ने इन शिक्षकों को भरोसा दिया गया था कि बजट में उन्हें कुछ न कुछ दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। निराश कंप्यूटर शिक्षकों ने सोमवार को बैठक बुलाई है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे।
हिमाचल कंप्यूटर शिक्षक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष रोशन मेहता ने बताया
कि बजट में नियमित कर्मचारियों को डीए, पीटीए शिक्षकों को नियमित शिक्षकों
की तर्ज पर वित्तीय लाभ और एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा
की।
शिक्षक वर्ग में सिर्फ कंप्यूटर शिक्षक की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि धूमल सरकार के कार्यकाल के दौरान स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों को आउटसोर्स पर रखा गया था। सभी शिक्षकों के टेस्ट लिए गए थे। अब कंप्यूटर शिक्षकों के साथ अधिकारी सौतेला व्यवहार करते है जबकि कंप्यूटर शिक्षक नियमित कर्मचारी की तर्ज पर सेवाएं देते हैं।
15 सालों से स्कूलों में तैनात हैं शिक्षक
रोशन मेहता ने बताया कि कंप्यूटर शिक्षक सरकारी स्कूलों में बीते 15 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। इनमें भी कंपनी 2 से 3 हजार रुपये कम दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मुलाकात करेगा।
बजट से पहले शिक्षा अधिकारियों ने इन शिक्षकों को भरोसा दिया गया था कि बजट में उन्हें कुछ न कुछ दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। निराश कंप्यूटर शिक्षकों ने सोमवार को बैठक बुलाई है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेंगे।
शिक्षक वर्ग में सिर्फ कंप्यूटर शिक्षक की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि धूमल सरकार के कार्यकाल के दौरान स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों को आउटसोर्स पर रखा गया था। सभी शिक्षकों के टेस्ट लिए गए थे। अब कंप्यूटर शिक्षकों के साथ अधिकारी सौतेला व्यवहार करते है जबकि कंप्यूटर शिक्षक नियमित कर्मचारी की तर्ज पर सेवाएं देते हैं।
15 सालों से स्कूलों में तैनात हैं शिक्षक
रोशन मेहता ने बताया कि कंप्यूटर शिक्षक सरकारी स्कूलों में बीते 15 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। इनमें भी कंपनी 2 से 3 हजार रुपये कम दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मुलाकात करेगा।