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टीजीटी, पीजीटी को माह में 3500 का घाटा

पांचसाल का कार्यकाल पूरा करने के बाद रेग्युलर हुए टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों के पे फिक्सेशन का मामला उलझ गया है। शिक्षकों का आरोप है कि पे फिक्सेशन में विसंगति है। इसके चलते टीजीटी को 1200 और पीजीटी को 3500 के करीब हर माह नुकसान हो रहा है।
वित्तीय वर्ष 2015 में जो शिक्षक अनुबंध से रेगुलर हुए थे उन्हें पे फिक्सेशन पुराने पैटर्न पर दिया गया। जबकि इस साल जिन्हें नियमित किया गया है उन्हें इनिशियल स्टार्ट नहीं दिया गया है। जिसके चलते ये वित्तीय नुकसान हो रहा है।

विभाग ने रेग्युलर करने की जो नोटिफिकेशन जारी की थी उसमें भी ये गलती सामने आई थी। शिक्षक ये मामला सरकार के ध्यान में भी ला चुके हैं लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अप्रैल महीने में 2 हजार के करीब शिक्षक रेग्युलर हुए थे। पीजीटी को इनिशियल स्टार्ट 12290, ग्रेड-पे 4200 और 16290 दिया था। शिक्षा विभाग ने 2015 में नियमित हुए पीजीटी को इसी अधिसूचना के अनुसार वेतन पर फिक्स किया था।

अप्रैल 2016 में जो पीजीटी अनुबंध से नियमित हुए हैं, उनको विभाग इनिशियल स्टार्ट के स्थान पर न्यूनतम पे बैंड पर वेतन फिक्स किया गया है। इसके चलते पिछले साल रेग्युलर हुए और इस साल रेग्युलर हुए कर्मचारियों के वेतन में ही अंतर रहा है जबकि उनका पद एक समान है। शिक्षकों का तर्क है कि दूसरे विभागों में भी कर्मचारियों का वेतन इनिशियल स्टार्ट से दिया जा रहा है तो केवल शिक्षा विभाग में पीजीटी को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रधान काना सिंह रॉकी, महासचिव भुपेंद्र ठाकुर, लेख राज, राकेश धौरटा, सुरेंदर चौहान, अनिल चौहान, नरेंदर चौहान, डा. संदीप चौहान, शकत चौहान, विकेश जनार्था, जगदीश बाली, सुनील दत्त, राकेश चौहान, हुक्म गौतम, मूल राज, सुभाष संगरेल, रमेश बालटू, पवन चौहान, सुरेश देष्टा, त्रिलोक ठाकुर, बलवंत, फकीर चंद मछान, रविंद्र,यशवंत शर्मा, मूल राज, कल्याण पापटा, राज कुमार, सुधीर नायक, अभिशांत मेहता, सचिन कायस्थ, सलोचना नेगी, मधु ,दीपिका वालिया ने सरकार से वित्तीय अनियमित्ता को जल्द दूर करने करने के निर्देश दिए हैं।

वेतन विसंगति दूर करने की उठाई मांग

हिमाचलप्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा, नरेश भारद्वाज, राज कुमार, नरेश धीमान, एसबी नेगी, राजेंद्र शर्मा, सुनील कटोच, अंकुर सूद, कैलाश नाथ शर्मा, यशवीर रणौत, ओम चौहान, चंद्रकांत ठाकुर, इंद्रजीत ठाकुर, कमल चौहान, रमेश चंद, मनोज नेगी, नरेश शर्मा, कुलविंदर ठाकुर, मनोज चंदेल ने कहा कि 2000 टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों के वेतन फिक्सेसन में विभागिय लापरवाही से विसंगति पैदा हो गई है। इस कारण टीजीटी को 1200 और पीजीटी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। संघ ने सरकार से मांग की है कि इस विसंगति को जल्द दूर किया जाए। उन्होंने लेफ्ट आउट को भी जल्द रेग्युलर करने की मांग की है।
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