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शिक्षा विभाग की लापरवाही टीजीटी व पीजीटी पर भारी

 संवाद सहयोगी, बिलासपुर : अप्रैल 2016 में प्रारंभिक शिक्षा व उच्च शिक्षा विभाग में अनुबंध से नियमित लगभग दो हजार टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों के वेतन फिक्सेशन में विभाग की लापरवाही से विसंगति पैदा हो गई है। इस कारण टीजीटी को 12 सौ रुपये व पीजीटी को लगभग चार हजार रुपये प्रतिमाह कम वेतनमान दिया जा रहा है।
2014 में पैरा अध्यापकों को नियमित किया था, उसके बाद 2015 में भी अनुबंध अध्यापक नियमित किए गए थे तो इन सभी को इनीशियल स्टार्ट के साथ जैसे टीजीटी को 10830 रुपये व पीजीटी को 12090 रुपये पर बेसिक पे पर फिक्स किया था। लेकिन अप्रैल 2016 में अनुबंध से नियमित हुए अध्यापकों को बिना इनीशियल स्टार्ट के जैसे टीजीटी को 10300 रुपये व पीजीटी को भी 10300 रुपये बेसिक पे फिक्स कर दिया गया है। विभाग एक ही पद पर दो अलग-अलग वेतनमान का फिक्सेसन कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि विभाग को उसकी लापरवाही को लेकर सूचित किया गया और वेतन विसंगति को जल्द खत्म करने का आग्रह किया गया ¨कतु विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। संघ ने शिक्षा विभाग से इस वेतन विसंगति को जल्दी दुरुस्त करने की मांग की है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश भारद्वाज, महासचिव राजकुमार, उपाध्यक्ष नरेश धीमान, एसबी नेगी, राजेंद्र शर्मा, सुनील कटोच, कोषाध्यक्ष अंकुर सूद, सचिव कैलाश नाथ शर्मा, जिला अध्यक्ष बिलासपुर यशवीर रणौत, शिमला जिला ओम चौहान, कुल्लू चंद्रकांत ठाकुर, मंडी इंद्रजीत ठाकुर, हमीरपुर कमल चौहान, चम्बा रमेश चंद, किन्नौर मनोज नेगी, सिरमौर नरेश शर्मा, लाहुल स्पीति कुल¨वद्र ठाकुर, सोलन मनोज चंदेल ने विभाग से यह मांग भी की है कि लेफ्ट आउट नॉन बीएड अनुबंध कॉमर्स पीजीटी व स्टडी लीव के आधार पर लेफ्ट आउट अनुबंध पीजीटी व टीजीटी के शीघ्र नियमित भी किया जाए।
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