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🔴 हिमाचल प्रदेश: पदोन्नति से पहले ही पसंदीदा स्टेशन की दौड़, 835 शिक्षक बनेंगे प्रधानाचार्य

 शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य पदोन्नति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिक्षा विभाग द्वारा 835 शिक्षकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन इससे पहले ही कई शिक्षक अपनी पसंदीदा पोस्टिंग (फेवरेट स्टेशन) पाने के प्रयासों में जुट गए हैं।

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📌 पदोन्नति आदेश जल्द जारी होने की संभावना

शिक्षा विभाग की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक पूरी हो चुकी है। पदोन्नति से संबंधित फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही किसी भी दिन पदोन्नति आदेश जारी किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। ऐसे ही अपडेट्स के लिए 👉 [Himachal2Day ब्लॉग] (https://himachal2day.blogspot.com/) नियमित रूप से देखा जा रहा है।

🏫 पसंदीदा स्टेशन के लिए बढ़ा दबाव

पदोन्नति से पहले ही कई शिक्षक शहरी क्षेत्रों और सुविधाजनक स्थानों पर तैनाती की मांग कर रहे हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक आवेदन पहुंचाए जा रहे हैं
हालांकि शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि नियुक्ति केवल रिक्त पदों के आधार पर होगी, न कि व्यक्तिगत पसंद के अनुसार।
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⚠️ तबादलों पर रोक बनी बड़ी बाधा

प्रदेश में फिलहाल सामान्य तबादलों पर रोक लगी हुई है। ऐसे में पदोन्नत शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां प्रधानाचार्य पद रिक्त हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि फेवरेट स्टेशन मिलना सभी के लिए संभव नहीं होगा

⏳ ज्वाइनिंग में देरी पर सीमित राहत

हाल ही में पदोन्नत कुछ मुख्य अध्यापक और प्रवक्ता अभी तक नए पद पर योगदान नहीं कर पाए हैं। ऐसे करीब 21 मामलों में विभाग ने स्थिति की समीक्षा की है और सीमित समय की छूट दिए जाने की संभावना है।

🎓 शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर

प्रदेश में लंबे समय से प्रधानाचार्य पद खाली होने के कारण स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित रही है। सरकार का लक्ष्य है कि

  • स्कूल प्रबंधन मजबूत हो

  • शैक्षणिक गुणवत्ता सुधरे

  • जवाबदेही तय हो

इसी दिशा में यह पदोन्नति प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। ऐसी ही विश्लेषणात्मक रिपोर्ट्स के लिए 👉 [Himachal2Day Education Updates] (https://himachal2day.blogspot.com/) को फॉलो किया जा रहा है।

🔥 पारदर्शिता पर शिक्षा विभाग का जोर

पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच विभाग ने दो टूक कहा है कि

सभी नियुक्तियां नियमों, वरिष्ठता और रिक्तियों के अनुसार ही होंगी।
किसी भी प्रकार की सिफारिश को मान्यता नहीं दी जाएगी।

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