शिमला: 10वीं और 12वीं में
खराब रिजल्ट देने वाले जिन शिक्षकों को चार्जशीट किया था, अब उन पर जल्द
ही कार्रवाई होगी। मामले पर शिक्षकों के जवाब आने के बाद सरकार ने यह फैसला
लिया है। इस साल 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा में खराब परिणाम
देने वाले शिक्षकों को सरकार द्वारा पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।
बताया जा रहा है कि इस पर शिक्षकों ने अपना-अपना पक्ष विभाग को भेज दिया
है। इसके बाद सरकार इन पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर
जल्द ही आदेश जारी होंगे। इस दौरान 19 स्कूलों के अध्यापकों को नोटिस जारी
किए गए थे। ये वे स्कूल हैं, जिनके परीक्षा परिणाम 0 से 25 प्रतिशत रहे
थे।...तो हमेशा के लिए रुक जाएगी इन्क्रीमैंट
सूत्रों की मानें तो इनके खिलाफ कार्रवाई के तौर पर खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की ए.सी.आर. प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही लगातार 2 सालों तक खराब रिजल्ट देने पर शिक्षकों की एक साल की इन्क्रीमैंट रोकी जाएगी। ऐसे में यदि किसी शिक्षक का परीक्षा परिणाम लगातार 3 साल तक खराब रहता है तो उसकी इन्क्रीमैंट पर हमेशा के लिए रोक लगा दी जाएगी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुरानी पॉलिसी के तहत अमल में लाई जाएगी लेकिन अब आगे के लिए सरकार पॉलिसी में बदलाव करने जा रही है, जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।
संबंधित विषय का शिक्षक नहीं है तो मिल सकती है राहत
विभाग ने पहले चरण में 0 से 20 फीसदी वाले 19 प्रधानाचार्यों को चार्जशीट किया था। विभाग ने इस दौरान इनसे नोटिस देकर 0 से 20 प्रतिशत परिणाम आने का कारण पूछा था। ऐसे में यदि स्कूल में सुविधाओं का अभाव है या किसी स्कूल में संबंधित विषय का अध्यापक नहीं है तो इसमें स्कूल मुखिया को राहत मिल सकती है।
अब 20 से 35 प्रतिशत परिणाम देने वालों पर कार्रवाई
पहले चरण में विभाग ने 0 से 20 प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों से जवाब-तलब किया था। अब विभाग 20 से 35 प्रतिशत परिणाम देने वालों से जवाब-तलब करने की तैयारियां शुरू कर रहा है।