पूर्व शिक्षक नेता एवं सेनावृत्त उपनिदेशक जीवन
शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षक नेता शिक्षकों की मांगों को पूरा
करवाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अध्यापकों को लंबित
मांगों का फायदा मिल चुका है। किसी को अभी तक नहीं मिला है।
शिक्षकों की दर्जनों वित्तीय मांगें लंबित हैं, लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है। इस कारण प्रदेश के प्रधानाचार्य हताश और निराश है। यदि इन मुख्य मांगों को पूरा किया गया तो इन मांगाें को संघ को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। साथ ही कहा कि अब वो समय गया है जब सरकार को प्रतिवर्ष बढ़ रही हजारों अध्यापकों कर्मचारियों के संगठनों पर अंकुश लगाना चाहिए।
शिक्षकों की दर्जनों वित्तीय मांगें लंबित हैं, लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है। इस कारण प्रदेश के प्रधानाचार्य हताश और निराश है। यदि इन मुख्य मांगों को पूरा किया गया तो इन मांगाें को संघ को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। साथ ही कहा कि अब वो समय गया है जब सरकार को प्रतिवर्ष बढ़ रही हजारों अध्यापकों कर्मचारियों के संगठनों पर अंकुश लगाना चाहिए।