रामपुर बुशहर। प्रदेश भर के विभिन्न प्रारंभिक स्कूलों में तैनात
ग्रामीण विद्या उपासक शिक्षकों ने डीएलईडी कोर्स के आदेशों का विरोध किया
है। शिक्षक इस आदेश को निरस्त करने की मांग उठा रहे हैं।
विभिन्न जिलों से पीटीएफ पदाधिकारी निदेशक से मिलकर मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 1300 पीटीएफ शिक्षकों में रोष का माहौल है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांग नहीं मानी जाती तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने 17 वर्ष से कार्यरत इन शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजूकेशन (डीएलईडी) कोर्स करने के आदेश दिए हैं, जबकि ये शिक्षक पहले ही डाइट के तहत दो वर्ष का कोर्स कर चुके हैं। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे में उनको डीएलईडी कोर्स करने के आदेश दिए जा रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा। शिक्षकों को आरोप है कि नियमितीकरण के बाद भी इस तरह का निर्णय शिक्षक विरोधी है। शिक्षा खंड सराहन पीटीएफ अध्यक्ष सुनील कुमार रागटा, रामपुर अध्यक्ष विरेंद्र नेगी, महासचिव दौलत राम मस्ताना, ननखड़ी अध्यक्ष काहन चंद मेहता, सुरेंद्र हस्टा, सूरम लाल मेहता, यशपाल वर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने कहा कि 17 वर्ष बाद डीएलईडी का कोर्स करवाने के जो आदेश किए गए हैं, जो कि ठीक नहीं। साथ ही इसके लिए नियमित शिक्षकों को बाध्य करना न्यायसंगत नहीं है। यदि जल्द ही इस निर्णय को निरस्त नहीं किया गया तो पीटीएफ शिक्षकों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।
विभिन्न जिलों से पीटीएफ पदाधिकारी निदेशक से मिलकर मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रदेश के करीब 1300 पीटीएफ शिक्षकों में रोष का माहौल है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांग नहीं मानी जाती तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने 17 वर्ष से कार्यरत इन शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजूकेशन (डीएलईडी) कोर्स करने के आदेश दिए हैं, जबकि ये शिक्षक पहले ही डाइट के तहत दो वर्ष का कोर्स कर चुके हैं। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे में उनको डीएलईडी कोर्स करने के आदेश दिए जा रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा। शिक्षकों को आरोप है कि नियमितीकरण के बाद भी इस तरह का निर्णय शिक्षक विरोधी है। शिक्षा खंड सराहन पीटीएफ अध्यक्ष सुनील कुमार रागटा, रामपुर अध्यक्ष विरेंद्र नेगी, महासचिव दौलत राम मस्ताना, ननखड़ी अध्यक्ष काहन चंद मेहता, सुरेंद्र हस्टा, सूरम लाल मेहता, यशपाल वर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने कहा कि 17 वर्ष बाद डीएलईडी का कोर्स करवाने के जो आदेश किए गए हैं, जो कि ठीक नहीं। साथ ही इसके लिए नियमित शिक्षकों को बाध्य करना न्यायसंगत नहीं है। यदि जल्द ही इस निर्णय को निरस्त नहीं किया गया तो पीटीएफ शिक्षकों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।