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8000 शिक्षकों को राहत, एक्ट फाइनल होने तक नहीं होगी ट्रांसफर

शिमला: कैबिनेट के फैसले के बाद प्रदेश में 3 किलोमीटर के दायरे के स्कूलों में 10 वर्षों से डटे शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। अब जब तक सरकार इनके ट्रांसफर एक्ट नहीं लाती तब तक इन शिक्षकों के तबादलों पर रोक लग गई है। सूत्रों की मानें तो अब अप्रैल माह तक शिक्षकों के तबादले नहीं हो पाएंगे।


इस समय विभाग में ऐसे लगभग 8 हजार शिक्षक जो पिछले 10 वर्षों से 3 किलोमीटर के दायरे के स्कूलों में ही सेवाएं दे रहे थे। हालांकि सरकार ने विभाग से ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा भी मंगवा लिया था, जो राजधानी, मुख्यालयों व तहसीलों के आसपास के ही स्कूलों में सेवाएं दे रहे थे लेकिन सरकार द्वारा ट्रांसफर पर रोक लगाए जाने के बाद अब प्रदेश में कर्मचारियों की ट्रांसफर नहीं होगी।

बजट सत्र तक फिलहाल इस पर रोक लग गई है। शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि प्रदेश में अगले माह 10वीं, जमा 1 और 2 जमा की परीक्षा होने जा रही है, ऐसे में यदि इस दौरान शिक्षकों के तबादले होते तो छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती। इस कारण भी सरकार का यह फै सला सही माना जा रहा है। 


बजट सत्र में लाया जाएगा ट्रांसफर एक्ट 
बजट सत्र में सरकार ट्रांसफर एक्ट लाने जा रही है। बजट सत्र में पारित होने के बाद इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा। हालांकि अभी सरकार इस ट्रांसफर एक्ट को बनाने में जुटी है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने भी 5 राज्यों की ट्रांसफर पॉलिसी और एक्ट का अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों को 3 जोन में बांटा है, जिसमें शिक्षकों को अपने कार्यकाल में एक बार सेवाएं देनी ही पड़ेगी। इसमें किन्नौर, लाहौल स्पीति व केलांग शामिल हैं। ट्रांसफर एक्ट के लिए सरकार शिक्षक संगठनों से भी सुझाव लेगी ताकि यह एक्ट शिक्षक हित में बने। 

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